बाड़मेर: बिजली चोरों पर टूटा डिस्कॉम कार्रवाई का कहर, पकड़े गए चोरी के 738 केस

लॉकडाउन के बाद विद्युत कनेक्शन अन्य कार्य में भी कमी आ गई. 

बाड़मेर: बिजली चोरों पर टूटा डिस्कॉम कार्रवाई का कहर, पकड़े गए चोरी के 738 केस
प्रतीकात्मक तस्वीर.

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: लगातार घाटे और बिजली छीजत से परेशान डिस्कॉम ने विद्युत चोरी पकड़ने के लिए अभियान की शुरुआत कर सख़्ती से पेश आ रही है. प्रदेश में कोरोना लॉकडाउन और राजनीतिक सरगर्मियों के बीच बिजली चोर बेखौफ हो गए हैं.

जी हां, ये कोई हमारा आरोप नहीं, बल्कि जोधपुर वितरण निगम लिमिटेड के बाड़मेर जिले के लॉकडाउन में चलाए गए विशेष जांच अभियान की बानगी है. इस दौरान बाड़मेर डिस्कॉम की टीमों ने जहां भी जांच की, उनमें से 70 फीसदी से अधिक जगहों पर बिजली चोरी होती मिली है. अब इस आंकड़े ने डिस्कॉम प्रशासन के फ्यूज उड़ा दिए हैं.

जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के बाड़मेर जिले में चार विद्युत डिवीजन में 19 अधिशासी अभियंता कार्यालय हैं. विद्युत चोरी को लेकर शुरू किए गए अभियान के अप्रैल, मई और जून माह में डिस्कॉम की 77 टीमों ने 1387 स्थानों पर जांच करते हुए 738 विद्युत चोरी के मामले पकड़े हैं. लॉकडाउन के बाद महज तीन माह में ही पौने दो करोड़ रुपये से ज्यादा की विद्युत चोरी पकड़ी गई है. डिस्कॉम अधीक्षण अभियंता मांगीलाल जाट के मुताबिक विभाग ने अब तक 1 करोड़ 77 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से अब तक 25 लाख रुपये वसूल कर 15 लोगों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है.

बाड़मेर विद्युत डिवीजन में 562 स्थानों पर जांच की गई, जिसमें से 300 स्थानों पर विद्युत चोरी पकड़ी गई, जिससे विभाग ने 66.72 लाख रुपये जुर्माना लगाया है. गुड़ामालानी डिवीजन में भी 365 स्थानों की जांच करते हुए 261 विद्युत चोरी की मामले पकड़ कर 57.08 लाख जुर्माना लगाया गया है. इसी तरह बालोतरा डिवीजन में 265 स्थानों पर सतर्कता टीम ने जांच करते हुए 67 विद्युत चोरी के मामले उजागर किए है, जिसमें विभाग ने 31.58 लाख रुपये का जुर्माना वसूलने की तैयारी में है, वहीं सिवाना डिवीजन में 195 स्थानों पर दबिश देते हुए 110 स्थानों पर विद्युत चोरी करते हुए 22.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

जिम्मेदार अधिकारी की लंबे समय से विद्युत कनेक्शन एवं अन्य कार्य में व्यस्तता के चलते विद्युत चोरी को लेकर सुस्त हो गए थे. लॉकडाउन के बाद विद्युत कनेक्शन अन्य कार्य में भी कमी आ गई. साथ ही विद्युत लोड बढ़ने के चलते आपूर्ति में व्यवधान होने की शिकायत होने लगी तो जिम्मेदार अधिकारियों और कार्मिकों ने चोरी पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया था. अब विद्युत विभाग विद्युत चोरों पर भी लगाम कसने में कामयाब होते नजर आ रहे हैं.