राजस्थान में खुलेंगे 8 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, भारत सरकार ने दी स्वीकृति

इन संस्थाओं में शिक्षित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं उत्कृष्ट रोजगार के सुअवसर प्राप्त होंगे. 

राजस्थान में खुलेंगे 8 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, भारत सरकार ने दी स्वीकृति
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार ने राज्य में वर्ष 2020-21 में 8 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने हेतु स्वीकृति दे दी है, जिनके लिये टीएडी विभाग द्वारा 15 एकड़ जमीन आंवटित कराई जा चुकी है. इन 8 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के भवनों के निर्माण के लिए भारत सरकार ने केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग को कार्यकारी एजेन्सी नोडल नियुक्त किया है.  

अतिरिक्त मुख्य सचिव, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग राजेश्वर सिंह ने बताया कि ये नए आवासीय विद्यालय उदयपुर जिले के झाड़ोल कस्बे के गांव जोटाणा, लसाड़िया के कुण, सलुम्बर के प्रेम नगर, बांसवाड़ा जिले के गढ़ी कस्बे के गांव परखेला, बागीदौरा, सागवाड़ा के सुरजगांव और प्रतापगढ़ जिले के धरियावाद ब्लॉक के गांव पांचागुडा और अरनोद ब्लॉक के गांव नागडेरा में निर्मित करवाए जाएंगे. 

उन्होंने बताया कि टीएडी विभाग द्वारा लगभग 108 करोड़ रुपये की लागत से जयपुर, उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिले में 4 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और प्रतापगढ़ जिले में एक एकलव्य मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल के भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इनका निर्माण कार्य दिसम्बर 2020 तक पूर्ण होने की संभावना है. 

जयपुर जिले के जमवारामढ़ में निर्माणाधीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में 480 विद्यार्थियों, सराड़ा और अम्बापुरा में 480 विद्यार्थियों की तथा छात्रावास की क्षमता भी 480 विद्यार्थियों की होगी. इसी प्रकार पीपलखूंट में भी 480 विद्यार्थियों की क्षमता वालेे विद्यालय का निर्माण करवाया जा रहा है.  

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि विभाग के तत्वावधान में पूर्व से ही 21 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, 13 आवासीय विद्यालय, 2 मॉडल पब्लिक आवासीय विद्यालय, 13 खेल छात्रावास, 7 कॉलेज छात्रावास, 6 बालिका बहुउद्देशीय छात्रावास तथा 372 आश्रम छात्रावास संचालित हैं. इन नए 13 आवासीय विद्यालयों के निर्माण और संचालन से जनजाति क्षेत्र के शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में गुणात्मक सुधार एवं परिवर्तन दृष्टिगोचर होगा तथा इन संस्थाओं में शिक्षित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं उत्कृष्ट रोजगार के सुअवसर प्राप्त होंगे.