कोटा: 20 साल का इंतजार पूरा, 8 पाक नागरिकों को मिली भारत की नागरिकता

कोटा कलेक्टर ओमप्रकाश कसेरा ने सभी शरणार्थियों का माला पहनाकर स्वागत किया और ससम्मान नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपते हुए बधाइयां दी.

कोटा: 20 साल का इंतजार पूरा, 8 पाक नागरिकों को मिली भारत की नागरिकता
शरणार्थियों के चेहरे नागरिकता प्रमाण पत्र पाकर खिले उठे.

हिमांशु मित्तल, कोटा: जिले में 8 पाकिस्तानी शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता का तोहफा मिला है. साल 2000 के बाद से कोटा में अपने रिश्तेदारों के पास रह रहे ये लोग पाकिस्तान के सिंध प्रांत के रहने वाले सिंधी समुदाय के लोग हैं. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अत्याचार का शिकार बनने के बाद धर्म और बहन-बेटियों की इज्जत बचाने के लिए पलायन कर आए थे.

ये शरणार्थी 90 के दशक में भारत आ गए थे और बरसों तक भटकने के बाद 2000 के बाद से कोटा में टिक गए थे. मंगलवार को कलेक्टर ओमप्रकाश कसेरा ने सभी शरणार्थियों का माला पहनाकर स्वागत किया और ससम्मान नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपते हुए बधाइयां दी. शरणार्थियों के चेहरे नागरिकता प्रमाण पत्र पाकर खिले उठे और सभी ने भारतमाता की जय और वंदेमातरम के नारे लगाए.

नागरिकता पाने वाले सिंधी शरणार्थियों में गुरुदास मल पुत्र भीखचंद, विद्या कुमारी पुत्री असदोमल, आइलमल पुत्र धर्मनमल, सुशीलन बाई पुत्री नानूमल, रुक्मणी पुत्री खोबुमल, नरेश कुमार पुत्र चंदरमल, सेवक पुत्र धर्ममन मल और कौशल्या बाई पुत्री नानूमल के नाम शामिल हैं.

गौरतलब है कि संशोधित नागरिकता कानून को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने सोमवार को राजधानी के पुनर्वास कॉलोनी में रहने वाले एक पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी की बेटी 'नागरिकता’ को उसका जन्म प्रमाण पत्र सौंपा.

बच्ची की दादी मीरा दास (40) ने पहले कहा था कि बच्ची का जन्म नौ दिसंबर को हुआ था और राज्यसभा में संशोधित नागरिकता विधेयक के पारित होने के बाद हमने इसका नाम ‘नागरिकता’ रखने का फैसला किया। बीते 11 दिसंबर को सीएबी (अब सीएए) को लोकसभा में पारित कर दिया गया था.