लॉक डाउन के बाद 94 प्रतिशत खनन गतिविधियां शुरू, ई रवन्ना 130 से हुए 26000

प्रदेश में लॉकडाउन के बाद चरमराई खनन गतिविधियां पुनः पटरी पर लौटने लगी है. 

लॉक डाउन के बाद 94 प्रतिशत खनन गतिविधियां शुरू, ई रवन्ना 130 से हुए 26000
प्रतीकात्मक तस्वीर

विष्णु शर्मा, जयपुर: प्रदेश में लॉकडाउन के बाद चरमराई खनन गतिविधियां पुनः पटरी पर लौटने लगी है. लाॅकडाउन के बाद प्रदेश में करीब 94 फीसदी खनन गतिविधियां पुनः आरंभ हो गई है. खान महकमे की समीक्षा के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉक्टर सुबोध अग्रवाल ने यह जानकारी दी। कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में 23 मार्च से लॉकडाउन शुरू किया गया था. लॉकडाउन के कारण प्रदेश की खनन गतिविधियां भी पूरी तरह से ठप हो गई थी. 

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पिछले साल की तुलना में खनिज प्राप्त होने वाली आय काफी कम हो गई थी. अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद खनन गतिविधियां भी रफ्तार पकड़ने लगी. अब प्रदेश में 94 प्रतिशत खनिज गतिविधियां पुनः शुरू हो गई. समीक्षा के दौरान एसीएस खान डॉक्टर सुबोध अग्रवाल ने खनन गतिविधियों को 100% शुरू करने के निर्देश दिए. लाॅकडाउन जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद जून माह में खनिज क्षेत्र में गत साल की इसी अवधि की तुलना में अधिक राजस्व अर्जित किया है.

मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद की गई समीक्षा
मुख्य सचिव राजीव स्वरुप ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय विकास एवं समन्वय समिति की बैठक में खनिज गतिविधियों को लेकर निर्देश दिए थे. इसके बाद  आज इसलिए  डॉक्टर सुबोध अग्रवाल ने सचिवालय में निदेशक खनिज एवं प्रेट्रोलियम कुंज बिहारी पाण्ड्या व अधिकारियों के साथ विभागीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने प्रदेश में 94 फीसदी खनन गतिविधियां आरंभ होने पर संतोष व्यक्त करते हुए खनन गतिविधियों को शतप्रतिशत स्तर पर लाने के निर्देश दिए.

ई रवन्ना 130 से हुए 26000
डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य में लाॅकडाउन के कारण 1 अप्रेल को खनन गतिविधियां लगभग बंद हो गई थी व ई-रवन्ना की संख्या 130 के स्तर पर आ गई थी जो आज औसतन लगभग 26 हजार 500 प्रतिदिन आ गई है. उन्होंने बताया कि राजस्थान देश का प्रमुख खनिज बहुल प्रदेश है और राज्य में लेड जिंक, राॅक फास्फेट, आयरन ओर, काॅपर, सिल्वर, लाइम स्टोन आदि के साथ ही सेंड स्टोन, मार्बल, ग्रेनाइट, मैसेनरी स्टोन, सोप स्टोन, फेल्सपार आदि की खनन गतिविधियां संचालित हो रही है.

एसीएस डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य में करीब 15 हजार खनन लीज जारी है.  राज्य सरकार को राजस्व प्राप्ति में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगे हैं. उन्होंने बताया कि कोविड-19 को देखते हुए खनन गतिविधियों में भी केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी हेल्थ प्रोटोकाल व एडवाइजरी की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि खनन पट्टों के आवंटन में रिजर्व प्राइस और आवंटन व्यवस्था को पारदर्शी व युक्ति संगत बनाया जा रहा है.

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