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बीजेपी MLA का बयान, जब एक गाय को मारा जाता है, करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत होती हैं

अलवर में मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. सबसे पहले पिछले साल अप्रैल में पहलू खान की पीट-पीटकर हत्या की गई थी.

बीजेपी MLA का बयान, जब एक गाय को मारा जाता है, करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत होती हैं
अलवर से BJP विधायक ज्ञानदेव अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : मॉब लिंचिंग पर बीजेपी नेताओं के विवादित बोल लगातार सामने आ रहे हैं. अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले अलवर जिले से बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने गोहत्या को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है. आहूजा ने कहा कि गोकशी आतंकवाद से भी बड़ा क्राइम है. उन्होंने कहा कि आतंकवादी तो केवल 2-3 लोगों की हत्या करते हैं, लेकिन जब एक गाय की हत्या होती है तो करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत होती हैं. 

राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ से भारतीय जनता पार्टी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कहा कि अगर गाय मारी जाएंगी तो लोगों को गुस्सा आएगा और गोतस्करों को इस गुस्से का अंजाम भुगतना पड़ेगा. ज्ञानदेव आहूजा इससे पहले भी कह चुके हैं कि 'गोतस्करी करोगे, तो यूं ही पिट-पिट कर मरोगे.' उन्होंने कहा कि गोतस्करों को जनता ने पीटा है और वे आरोप गोरक्षकों पर लगा रहे हैं. 

बता दें कि राजस्थान में लगातार कई मॉब लिंचिंग की घटनाएं होने से देश की राजनीति में हंगामा मचा हुआ है. अभी हाल ही में अलवर जिले में एक मॉब लिंचिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य बुरी तरह जख्मी हो गया था.

अलवर : BJP विधायक ने दिया विवादित बयान- 'गो-तस्करी करोगे तो यूं ही मरोगे'

हालांकि जांच के बाद यह कहा गया कि युवक की मौत पुलिस हिरासत में हुई थी और इस मामले में राज्य प्रशासन ने कई पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया था.

अलवर में मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. सबसे पहले पिछले साल अप्रैल में पहलू खान की पीट-पीटकर हत्या की गई थी. इसके बाद दिसंबर में एक शख्स तथाकथित गोरक्षकों का शिकार हुआ था. इसके बाद इसी साल जुलाई में भी अलवर में मॉब लिंचिंग हुई. 

यह मुद्दा इतना उछला कि सरकार को संसद में कहना पड़ा कि वह भीड़ द्वारा की जा रही पीट-पीटकर हत्याओं को लेकर सख्त कानून बना रही है. सुप्रीम कोर्ट तक को कहना पड़ा कि सोशल मीडिया की वजह से देश में मॉब लिंचिंग बढ़ रही है. सरकार ने सोशल नेटवर्किंग साइटों को भी इस तरह की खबरों पर लगाम लगाने के निर्देश दिए थे.