राजस्थान की जेलों में चलाया जाएगा तलाशी अभियान, सभी जिला कलेक्टरों को जारी किए गए आदेश

जिला कलेक्टरों को जारी आदेश में कहा गया है कि तलाशी के लिए जिला स्तर पर विशेष दल गठित किए जाएं.

राजस्थान की जेलों में चलाया जाएगा तलाशी अभियान, सभी जिला कलेक्टरों को जारी किए गए आदेश
फाइल फोटो

विष्णु शर्मा, जयपुर: राज्य की जेलों में कैदियों के पास मोबाइल, सिम कार्ड और अन्य निषिद्ध वस्तुओं की तलाशी के लिए सघन अभियान चलाया जाएगा. कोर्ट की फटकार के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह रोहित कुमार सिंह ने तलाशी अभियान के आदेश जारी किए हैं. जिला कलेक्टरों को जारी आदेश में कहा गया है कि तलाशी के लिए जिला स्तर पर विशेष दल गठित किए जाएं. यह जरूरत हो तो स्थानीय राजस्थान सशस्त्र पुलिस ( RAC) की भी मदद ली जा सकती है.

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गौरतलब है कि राज्य की जेलों में लगातार मोबाइल, सिम व अन्य अवैध पदार्थ मिल रहे हैं. कोर्ट ने भी जेलों में हो रही इन अवैध कारगुजारियों को लेकर नाराजगी जाहिर की तथा सरकार को इन्हें रोकने के लिए कठोर उपाय करने के निर्देश दिए. कोर्ट ने डीजी, डीजी जेल और एसीएस गृह को जेलों की व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए. इसी क्रम में एसीएस गृह की ओर से सघन तलाशी के आदेश जारी किए गए.

जेल सुरक्षा को भी खतरा
एसीएस गृह की ओर से जारी आदेश में खुद माना गया है कि जेलों में सिम कार्ड, मोबाइल व अन्य निषिद्ध सामग्री मिलना चिंता का विषय है. इस प्रकार की घटनाओं से कानून एवं व्यवस्था के लिहाज से नकारात्मक छवि के साथ-साथ ही  कैदियों के जीवन और जेल की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न होता है. ऐसे में राज्य की समस्त जेलों में मोबाईल उपकरण, सिमकार्ड एवं अन्य निषिद्ध साग्री की रोकथाम  के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जाना आवश्यक है.

गठित किया जाएगा तलाशी दल
जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि वो जिले में  स्थित जेलों की तलाशी के लिए तलाशी दल गठित करें. इस दल में राजरथान प्रशासनिक सेवा, राजस्थान पुलिस सेवा एवं अन्य उपयुक्त अधिकारियों को शामिल करें. तलाशी दल की सुरक्षा के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं. सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध RAC का भी उपयोग लेने के निर्देश दिए हैं.

वीडियो  रिकॉर्डिंग कराने के निर्देश
आदेश में कहा गया है कि जेल की तलाशी के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। जेल डीजी से कहा गया है कि वो यह सुनिश्चित करें कि तलाशी के दौरान जेल स्टाफ पूर्ण सहयोग करें. तलाशी से पूर्व कैदियों को दूसरे वार्ड या सिंगल सेल में बंद किया जाए. एक-एक करके बंदियों को बैरिक से बाहर निकालकर तलाशी ली जाए. बंदी बैरिक एवं बंदी वार्ड की भी समुचित तलाशी ली जाए. तलाशी दल शाम को जेल बंद होने से तथा सुबह जेल खुलने से पहले के समय में इस अभियान के संचालन को प्राथमिकता दें. जिन कारागृहों में CCTV लगे हैं, वहां पर इस फुटेज का भी उपयोग किया जाए. जिन जेलों में बंदियों के पास मोबाईल या अन्य प्रतिबंधित सामग्री जाए, उनका दूसरी जेलों में ट्रांसफर किया जाए. ऐसे प्रकरणों में केस दर्ज किए जाने के साथ साथ जेल रिकॉर्डस में भी एंट्री की जाए ताकि जमानत एवं पैरोल आदि के निर्णय के समय इस जानकारी का भी उपयोग किया जाए.

आबादी इलाको में पुलिस की मदद लें
कुछ जेलें आबादी के नजदीक स्थित हैं, वहां  बाहर से जेल के अंदर पार्सल बनाकर असामाजिक तत्वों द्वारा प्रतिबंधित सामग्री
फेंकी जाती हैं. ऐसे में जेल की सीमा के संवेदनशील स्थानों पर जेल प्रशासन के सहयोग से स्थानीय पुलिस-प्रशासन सुचारू प्रतिबंध की व्यवस्था करें. 
 
एफएसएसल जांच
तलाशी के दौरान लावारिस हालत में पाए जाने वाले मोबाईलों की F.S.L, से जांच किया जाना सुनिश्चित किया जाए. क्योंकि ऐसा ध्यान में लाया गया है कि अपराधियों द्वारा प्रायः IMEI नम्बर मिटा दिए जाते हैं. ऐसा होने पर उच्च तकनीक का प्रयोग कर मोबाईल उपकरण के उपयोगकर्ता के बारे में जानकारी अर्जित की जा सकती है.

जेल स्टाफ बदला जाए
संयेदनशील जेलों पर स्टाफ को एक निश्चित अवधि के बाद आवश्यक रूप से अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए. जिससे उनका कैदियों के साथ मिलीभगत के अवसर कम हो सकें.

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