राजस्थान: बेटियों के लिए अनूठी पहल, एक पौधा सुपोषित बेटी के नाम

राजस्थान में बेटियों को बचाने के लिए अलग-अलग मुहिम चल रही है. बेटी को बोझ न समझा जाए इसको लेकर सरकार भी काफी गंभीर है. 

राजस्थान: बेटियों के लिए अनूठी पहल, एक पौधा सुपोषित बेटी के नाम
सिरोही कलेक्टर भगवती प्रसाद ने जिले में एक नई पहल शुरू की है.

साकेत गोयल, सिरोही: राजस्थान में बेटियों को बचाने के लिए अलग-अलग मुहिम चल रही है. बेटी को बोझ न समझा जाए इसको लेकर सरकार भी काफी गंभीर है. सरकार बेटियों के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम चला रही है. ताकि बेटियों को बचाया जा सके. इसी कड़ी में सिरोही जिला कलेक्टर भी बेटियों को लेकर काफी गंभीर है. 

इसी को लेकर सिरोही कलेक्टर भगवती प्रसाद ने जिले में एक नई पहल शुरू की है. कलेक्टर ने बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना के अन्तर्गत एक नई पहल की शुरुआत की है. जिसमें कलेक्टर ने नई पहल शुरू करते हुए एक पौधा सुपोषित बेटी के नाम कार्यक्रम शुरू किया है. इस कार्यक्रम के तहत जिले में बेटियों के जन्म लेने पर जन्म लेने वाली बेटी के घर के बाहर सहजन का पौधा लगाने की पहल शुरू की है. 

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सहजन के पौधे की क्या है खासियत
जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद ने बताया कि जिले में जिस भी घर मे बेटी का जन्म होगा, उस घर के प्रांगण या घर के बाहर एक सहजन का पौधा लगाया जाएगा. जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद ने बताया कि सहजन का पौधा एक औषधि के रूप में कार्य करता है, जिसकों लेकर इस पौधे को चुना गया है. इस पौधे में प्रोटीन और कैल्सियम की भरपूर मात्रा होती है. वहीं, सहजन का पौधा जमीन में जल को शुद्ध करने का कार्य करता है. सहजन का पौधा मानव जीवन के लिए अत्यंत गुणकारी है. जिला कलेक्टर की इस पहल की पूरे जिले में सरहाना की जा रही है. जिले में बेटी के जन्म लेने पर जिला कलक्टर ने स्वयं जाकर भी सहजन के पौधे लगाकर दूसरों को भी प्रेरणा दी है.

हर कोई कर रहा पहल की प्रशंसा
अभी तक अभियान के तहत जिले में  500 से अधिक पौधे जिले में लगाए जा चुके हैं. जिला कलेक्टर की अनूठी पहल का जिले में हर केाई उनकी प्रशंसा कर रहा है. हर माता पिता जिला कलेक्टर की इस पहल का स्वागत करते हुए बेटियों के जन्म पर अपने घर के आंगन में सहजन का पौधा भी लगा रहा है.

COPY: रमाशंकर

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