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बीकानेर में चलाई जा रही अनूठी पाठशाला, ट्रेन के डिब्बे में लग रही बच्चों की क्लास

राजकीय महारानी सीनियर विद्यालय में नवाचार करते हुए एक शिक्षा ट्रैन का निर्माण किया, जहां अब इस अनूठी पाठशाला को लेकर सभी में उत्साह नजर आ रहा है.

बीकानेर में चलाई जा रही अनूठी पाठशाला, ट्रेन के डिब्बे में लग रही बच्चों की क्लास
इस स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ स्वस्थ रहने के लिए भी जानकारी दी जा रही है.

रौनक व्यास/बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर में संचालित पोषाहार संस्थान ने एक अनूठी पहल करते हुए शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल की है. इस पहल में राजकीय महारानी सीनियर विद्यालय में नवाचार करते हुए एक शिक्षा ट्रैन का निर्माण किया, जहां अब इस अनूठी पाठशाला को लेकर सभी में उत्साह नजर आ रहा है. वहीं हर कोई अब इस अनोखी पाठशाला में अपने बच्चों को शिक्षा दिलाना चाहता है. इस ट्रेन का उद्देश्य यह हैं कि प्रदेश के प्रत्येक घर तक यह संदेश जाए कि कोई भी बच्चे शिक्षा से वंचित न रहे. 

'सब पढ़े सब बढ़े' ये स्लोगन तो आपने सुना होगा. अब इस स्लोगन को साकार करती बीकानेर की ट्रेन शिक्षा नजर आ रही है. अब आप ये सोच रहे होंगे की भई ये ट्रेन शिक्षा क्या हैं? तो हम आपको बता दे की बीकानेर की एक संस्था ने बच्चों को पढ़ाई के लिए आकर्षित करने के लिए एक ख़ास ट्रेन के डिब्बे जैसा शिक्षा केंद्र बना दिया है. उसे पोशाहार शिक्षा ट्रेन के नाम दिया गया है. स्कूल के एक हिस्से को ट्रेन की तरह पेंट किया गया हैं जिसे देख कोई भी हैरत में पड़ सकता है की कहींअसली ट्रेन की बोगी तो नहीं! 

ये पहल बीकानेर की पोषाहार संस्था ने शिक्षा से वंचित रह रहे बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरुक और आकर्षित करने के लिए किया है. साथ ही बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ स्वस्थ रहने के लिए भी जानकारी दी जा रही है. संस्था बच्चों को पोस्टिक आहार भी दे रही हैं ताकि बच्चों का मानसिक विकास भी साथ में हो सके. इस ट्रेन शिक्षा कक्ष में 2-3-4 के बच्चे शिक्षा पा रहे हैं. इस अनूठे स्कूल को लेकर जहां बच्चों में उत्साह देखने मिल रहा हैं तो वहीं स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षकों के लिए भी ये अलग अनुभव है. 

स्कूल में बच्चों के लिए किए गए इस नवाचार से बच्चों को अगर शिक्षा के मंदिर में आने का उत्साह बढ़ता हैं तो ये अपने आप में अनूठी पाठशाला कही जा सकती है. ऐसी पहल से देश का न केवल भविष्य बन रहा है बल्कि कोई भी शिक्षा से वंचित ना रहे इसको लेकर भी अपने आप में यह सार्थक पहल है.