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राजस्थान में कांग्रेस सरकार कर सकती है बीजेपी-संघ से नजदीक अधिकारियों का तबादला

राजस्थान में आने वाले दिनों में होने वाले तबादलों में अब संघ और भाजपा की विचारधारा के प्रति निष्ठा रखने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना सकती है.

राजस्थान में कांग्रेस सरकार कर सकती है बीजेपी-संघ से नजदीक अधिकारियों का तबादला
अघोषित नीति से बीजेपी के नेता इत्तेफाक नहीं रखते. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: राजस्थान में संघ और बीजेपी के प्रति निष्ठा रखने वाले अधिकारी और कर्मचारियों की अब खैर नहीं है. राजस्थान में तबादलों को लेकर सरकार जल्द ही अघोषित नीति लाने की तैयारी कर रही है.

राजस्थान में विधायक और संगठन के पदाधिकारियों की मांग के बाद आने वाले दिनों में होने वाले तबादलों में अब संघ और भाजपा की विचारधारा के प्रति निष्ठा रखने वाले अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा. जबकि ड्यूटी के प्रति निष्ठा रखने वाले अधिकारी कर्मचारियों को तवज्जो दी जाएगी.

संगठन से उठी थी मांग
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बने 6 महीने हो चुके हैं. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस करारी हार का सामना भी कर चुकी है. पार्टी के भीतर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर कशमकश का दौर चल रहा है. सरकार के कामकाज की जो रफ्तार होनी चाहिए थी वह नजर नहीं आ रही है. ऐसे में कांग्रेस के भीतर कई तरह के स्वर उठना शुरू हुए हैं. जिसमें राजस्थान में पिछली सरकार में मलाईदार पदों पर बैठे संघ के विचारधारा के अधिकारी और कर्मचारियों को पदों से हटाना.

एजेंडे को नहीं मिल रही रफ्तार
ऐसे अधिकारी कर्मी जो अपनी विचारधारा के प्रति निष्ठा के चलते कांग्रेस सरकार के एजेंडे को मूर्त रूप देने में सहयोग नहीं कर रहे हैं. पार्टी के विधायकों और पीसीसी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से ऐसे कर्मचारी अधिकारियों का तबादला करने की मांग की है.

सरकार कर चुकी है तबादला
हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी में उच्च स्तर पर आते ही एक के बाद एक कई तबादला सूची जारी की थी. जिसमें आईएस से लेकर आरएएस और आईपीएस से लेकर आरपीएस और अन्य पदाधिकारियों तक के तबादले शामिल थे. लेकिन इसके बावजूद भी बड़ी संख्या में ऐसे अधिकारी कर्मचारी अभी भी जयपुर सहित कई प्रमुख जगहों पर तैनात है. जहां रहकर वे आर एस एस और भाजपा के प्रति निष्ठा पूर्वक काम कर रहे हैं. 

शिक्षकों पर भी है नजर
राजस्थान में तबादला सूची की अगर बात की जाए तो सबसे बड़ी तबादला सूची तृतीय श्रेणी शिक्षकों की होती है. इस सूची पर शिक्षा विभाग में अभी काम चल रहा है. दरअसल, शिक्षकों के पास बीएलओ के तौर पर चुनाव में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी होती है. आने वाले निकाय और पंचायत चुनाव के मद्देनजर ऐसे शिक्षकों जो संघ विचारधारा के प्रति निष्ठा रखते हैं. चुनावी ड्यूटी से दूर रखा जाए ऐसी कोशिश भी की जा रही है. 

पोस्टिंग में तवज्जो की हुई मांग
पार्टी के कई विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से आग्रह किया था कांग्रेस पार्टी की विचारधारा वाले अधिकारी कर्मचारियों को अच्छी जगहों पर पोस्टिंग में तवज्जो दी जाए ताकि पार्टी के संगठन को मजबूत रखा जा सके.

सीएम दे चुके हैं चेतावनी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में एक नई व्यवस्था को लेकर सभी मंत्रियों को निर्देशित किया है कि तबादलों को लेकर विधायकों और जिलाध्यक्ष की राय को महत्वपूर्ण माना जाए ताकि पार्टी के कार्यकर्ताओं की बात को तवज्जो मिल सके. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी प्रेस वार्ता में कांग्रेस सरकार के घोषणा पत्र को लागू नहीं करने की मंशा रखने वाले अधिकारी कर्मचारियों को चेतावनी भी दे चुके हैं.

बीजेपी नेता नहीं रखते इत्तेफाक
राजस्थान में सरकार की इस अघोषित नीति को लेकर बीजेपी के नेता इत्तेफाक नहीं रखते. बीजेपी के नेताओं का कहना है की विचारधारा किसी व्यक्ति की हो सकती है लेकिन पद पर रहकर वह अपनी ड्यूटी का निर्वाहन सही तरीके से करता है. ऐसे में केवल विचारधारा के आधार पर पोस्टिंग या तबादला करना सही नीति नहीं है.

जल्द दिखेगी नई नीति 
बहरहाल, विधानसभा के बजट सत्र के बाद शिक्षा विभाग सहित सभी विभागों में तबादला प्रक्रिया शुरू होगी. ऐसे में कोई बड़ी हैरानी की बात नहीं हो कि इस बार तबादला सूची में सरकार की यह नई नीति नजर आए.