फतेहपुरा: कोरोना संक्रमित मिलने पर प्रशासन अलर्ट, अजमेर रेफर हुए 25 संदिग्ध

उपखंड के नुरियावास के बाद, फतेहपुरा में 11 वर्षीय किशोर कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. सूचना मिलते ही एसडीएम समदर सिंह भाटी समेत जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए. 

फतेहपुरा: कोरोना संक्रमित मिलने पर प्रशासन अलर्ट, अजमेर रेफर हुए 25 संदिग्ध
फतेहपुरा गांव को जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित कर दिया गया है.

ओमप्रकाश चौधरी/पीसांगन: राजस्थान के पीसांगन उपखंड मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत रामपुरा डाबला अंतर्गत फतेहपुरा में कोरोना ने दस्तक दे दी है. उपखंड के नुरियावास के बाद, फतेहपुरा में 11 वर्षीय किशोर कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. सूचना मिलते ही एसडीएम समदर सिंह भाटी समेत जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए. इस दौरान अधिकारियों ने कोरोना संक्रमण वाले क्षेत्र में बेरिकेडिंग लगाकर कर्फ्यू (Curfew) लागू करते हुए सैनिटाइजर (Sanitizer) का छिड़काव करवाया.

प्रवासियों से कोरोना प्रवेश
दरअसल, 12 मई को पिकअप से करीब 22 प्रवासी श्रमिक अहमदाबाद से आए थे, जिसमें से नुरियावास के 4, फतेहपुरा के 13, बिडक्च्यावास के 2 व परबतसर निवासी दंपति व चालक समेत कुल 22 लोग सवार थे. इसमें से नुरियावास निवासी 4 प्रवासी श्रमिकों को अजमेर जांच के लिए ले जाया गया. जिसमें से एक युवक के पॉजिटिव आने की सूचना मिलते ही रामपुरा डाबला सरपंच सीमा चौधरी ने भी उच्च अधिकारियों से संपर्क कर चिकित्सा विभाग की मदद से, 13 प्रवासियों को संदिग्ध मानते हुए, उन्हें कोरोना जांच के लिए अजमेर भेज दिया है.

इसमें से रविवार को फतेहपुरा निवासी 11 वर्षीय मासूम की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद चिकित्सा विभाग ने, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद 13 प्रवासियों के 9 परिजनों के अलावा 15 मई को अहमदाबाद से फतेहपुरा पहुंचे दो प्रवासी परिवारों के 16 लोगों को भी कोरोना संदिग्ध मानते हुए, उन्हें कोरोना जांच के लिए अजमेर भेज दिया.

डोर टू डोर सर्वे शुरू
फतेहपुरा में कोरोना पॉजिटिव केस के सामने आने के बाद, हरकत में आए चिकित्सा विभाग की 12 टीमों ने फतेहपुरा में 158 घरों में 860 लोगों व सेठन में 192 घरों में 1240 लोगों की स्क्रिनिंग कर स्वास्थ्य परीक्षण किया. वहीं, फतेहपुरा में कोरोना पॉजिटिव के सामने आने के बाद, उपखंड अधिकारी समदर सिंह भाटी ने तुरंत ही मौका मुआयना कर, हीरालाल रेगर के मकान से कालकी माता के मंदिर तक कर्फ्यू लागू किया हैं. वहीं, फतेहपुरा गांव को जीरो मोबिलिटी (Zero Mobilty) क्षेत्र  घोषित करते हुए, धारा 144 को प्रभावी तरीके से लागू कर दिया गया है.

मनरेगा व पानी से कोरोना पर काबू का प्रयास
ग्राम पंचायत रामपुरा डाबला के फतेहपुरा में कोरोना पर काबू पाने के लिए, सरपंच सीमा चौधरी व पंचायत प्रशासन ने अपने स्तर पर पहल शुरू की है. इसके तहत कोरोना पॉजिटिव क्षेत्र से सटकर मनरेगा (MNREGA) योजना अंतर्गत चलाए जा रहे है दो विकास कार्यों को दो दिन पूर्व 13 प्रवासी श्रमिको के कोरोना संदिग्ध पाए जाने पर एहतियातन तुरंत स्थगित कर दिया है.

वहीं, फतेहपुरा में बीसलपुर पेयजल की जीएलआर सिस्टम से पेयजल सप्लाई की जा रही है. क्योंकि जीएलआर पर संक्रमित क्षेत्र के लोगों के अलावा अन्य ग्रामीण भी एक साथ पानी भरते हैं, इसलिए जीएलआर से संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ गया है. ऐसे हालातों में पंचायत प्रशासन ने संक्रमित क्षेत्र में घर-घर टैंकरों से पानी डलवाते हुए संक्रमण को काबू करने का प्रयास किया है. साथ ही, बीसलपुर पेयजल प्रशासन से एहतियातन सभी संदिग्धों की रिपोर्ट आने तक टेंकरों से अपने स्तर पर पानी की व्यवस्था शुरू करवाई है और कोरोना संक्रमण के दौरान, जीएलआर से पानी सप्लाई नहीं करने की मांग की है.