बाड़मेर में अवैध खनन जारी, प्रशासन ने रोकने के लिए किया कई टीमों का गठन

सुप्रीम कोर्ट ने 16 नवंबर 2017 को केंद्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय से पर्यावरण स्वीकृति के बिना अदालत की पूर्व आदेश एलओसी बॉर्डर की ओर से किए जा रहे अवैध खनन पर रोक लगाई थी.

बाड़मेर में अवैध खनन जारी, प्रशासन ने रोकने के लिए किया कई टीमों का गठन
बाड़मेर में अवैध खनन जारी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भूपेश आचार्य/बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले में लगातार बजरी के साथ ही कई अवैध खनन जबरदस्त तरीके से चल रहा है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर गहलोत सरकार पर नाराजगी जताई है कि पुलिस प्रशासन के होते हुए खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है. हजारों करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे हैं. उसके बाद सरकार एक्शन में आई है. बाड़मेर के जिला कलेक्टर ने अवैध खनन को रोकने के लिए कई टीमों का गठन किया है. आगामी कुछ दिनों में बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है.

लूनी नदी में लगातार हो रहे अवैध खनन से पर्यावरण के साथ-साथ किसानों को भी बड़ा नुकसान हो रहा है. जहां खनन माफिया लगातार बजरी का खनन कर रहे हैं. जिससे उनकी फसलों को भी नष्ट किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने 16 नवंबर 2017 को केंद्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय से पर्यावरण स्वीकृति के बिना अदालत की पूर्व आदेश एलओसी बॉर्डर की ओर से किए जा रहे अवैध खनन पर रोक लगाई थी. इसके बाद प्रदेश में अवैध तरीके से बजरी का खनन बढ़ गया है.

कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण के लिए बजरी की अवैध खनन पर रोक लगाई थी लेकिन बजरी का अवैध खनन डेढ़ गुना तक बढ़ गया है. इस खनन में खान विभाग पुलिस महकमा भी शामिल है. सुप्रीम कोर्ट ने जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को 4 सप्ताह में खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने को कहा था. जिसके बाद आनन-फानन में जिला कलेक्टर ने मीटिंग कर राजस्व खनन पुलिस वन विभाग सहित टीमें गठित कर कार्रवाई के निर्देश तो दे दिए लेकिन धरातल पर कार्रवाई नहीं होने से अवैध खनन लगातार बदस्तूर जारी है.

जिसके बाद जिला कलेक्टर अंशदीप ने एसडीएम व् तहसीलदार स्तर की टीमें गठित कार्यवाही निर्देश जारी किये है. जिला कलेक्टर ने इन गठित टीमों में खनन विभाग को नहीं रखा गया है. ताकि खनन माफियो के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही की जा सके.

इतने दिन जिला प्रशासन पुलिस व खनन विभाग की निष्क्रियता के चलते खनन माफिया दिनदहाड़े अवैध खनन कर सड़कों पर बजरी का अवैध परिवहन कर रहे हैं. माफियाओं ने अवैध खनन का डिस्कॉम के खंबे जलदाय विभाग की लाइनों को भी तोड़ दिया इसके चलते सरकारी विभाग को भी राजस्व का नुकसान झेलना पड़ रहा है. लेकिन अब जिला प्रसाशन इन माफियो कैसे नकेल कसेगा ये तो आने वाला वक़्त ही बतायेगा.