जयपुर में भगवान भरोसे होम क्वारंटीन, योजना बनाकर भूल गया प्रशासन

होम क्वारंटीन लोगों के बाहर जाने पर पाबंदी थी. क्वारंटीन तोड़ने वालों के पास प्रशासन अलर्ट मैसेज भेज रहा था. लेकिन अब समय निकलने के साथ ही प्रशासन की ओर से यह निगरानी बंद कर दी गई है.

जयपुर में भगवान भरोसे होम क्वारंटीन, योजना बनाकर भूल गया प्रशासन
स्थिति यह है होम क्वारंटीन से निकल बाहर जाने वालों का प्रशासन को पता तक नहीं है.

जयपुर: प्रशासनिक ढिलाई के चलते जिले में संक्रमण बढ़ रहा है. सबसे बड़ी लापरवाही होम क्वारंटीन लोगों की निगरानी को लेकर सामने आ रही है. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान होम क्वारंटीन के लिए जो व्यवव्थाएं लागू की गई कि थी, उसका पालन नहीं हो रहा है.

क्वारंटीन लोगों की निगरानी के लिए जिले में लॉकडाउन के दौरान सीक्यूएएस यानी कोविड क्वारंटीन अलर्ट सिस्टम लागू किया गया था. इसके जरिए मरीजों की ऑनलाइन ट्रेकिंग शुरू की गई. होम क्वारंटीन लोगों ने मोबाइल को आस-पास टॉवर से कनेक्ट कर उनकी निगरानी रखी जा रही थी.

इससे होम क्वारंटीन लोगों के बाहर जाने पर पाबंदी थी. क्वारंटीन तोड़ने वालों के पास प्रशासन अलर्ट मैसेज भेज रहा था. लेकिन अब समय निकलने के साथ ही प्रशासन की ओर से यह निगरानी बंद कर दी गई है. वर्तमान की बात करें तो, जिले में 3500 से अधिक लोग होम क्वारंटीन हैं. लेकिन ये लोग प्रशासन की पकड़ से दूर हो गए हैं. यही कारण है कि शहर में संक्रमण बढ़ रहा है.

वहीं, स्थिति यह है होम क्वारंटीन से निकल बाहर जाने वालों का प्रशासन को पता तक नहीं है. जिले में हर एसडीएम को होम क्वारंटीन को तोड़ने वालों पर निगरानी रखने के लिए जिम्मेदारी दी गई थी. उपखंड स्तर पर एसडीएम और तहसील स्तर पर तहसीलदार और बीडीओ की टीम बनाई गई थी.

कमेटी में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया था. लेकिन जिले में कमेटी एक्टिव रूप से काम नहीं कर रही है. होम क्वारंटीन से बाहर जाने वाले लोगों पर कमेटी की ओर से अभी तक एक भी कार्रवाई नहीं की गई है. शहर में पॉजिटिव आने वाले मरीजों के घर के आस-पास लॉकडाउन तो दूर पुलिसकर्मी तक तैनात नहीं किए जा रहे हैं.