भरतपुर: गुर्जर आरक्षण महापंचायत को लेकर प्रशासन अलर्ट, कोविड नियमों का पालन कराना होगा चुनौती

डिवीजनल कमिश्नर पीसी बेरवाल ने कहा है कि कोरोना काल है. ऐसे में कोविड नियमों की पालना को लेकर आयोजकों से ज्यादा भीड़ जमा नहीं करने के लिए कहा है.

भरतपुर: गुर्जर आरक्षण महापंचायत को लेकर प्रशासन अलर्ट, कोविड नियमों का पालन कराना होगा चुनौती
गुर्जर आरक्षण महापंचायत को लेकर प्रशासन अलर्ट. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

देवेंद्र सिंह/भरतपुर: गुर्जर आरक्षण (Gujjar Reservation) को लेकर शनिवार को बयाना के पीलूपुरा के पास अड्डा गांव में होने वाली गुर्जर महापंचायत को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. इसको लेकर कार्यपालक मजिस्ट्रेट सहित अतिरिक्त जाब्ता भी तैनात किया गया है. वहीं, सभी कार्मिकों सहित उपखंड अधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के आदेश भी जारी कर दिए गए है.

इसके अलावा डिवीजनल कमिश्नर पीसी बेरवाल व आईजी संजीव नार्जरी ने कहा है कि शनिवार को होने वाली महापंचायत को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है. कानून व्यवस्था खराब ना हो इसकी पूरी तैयारी प्रशासन ने की है. अभी तक महापंचायत को लेकर कोई भी अनुमति नहीं ली गई है.

डिवीजनल कमिश्नर पीसी बेरवाल ने कहा है कि कोरोना (Corona) काल है. ऐसे में कोविड नियमों की पालना को लेकर आयोजकों से ज्यादा भीड़ जमा नहीं करने के लिए कहा है. लोकतंत्र में सबको अपनी बात कहने का हक है. लेकिन कोविड के नियमों की पालना हो किसी को कोई असुविधा ना हो, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है. डीसी ने बताया है कि आरक्षण संघर्ष समिति ने पहले मलारना डूंगर में स्थान तय किया था, जिसे बाद में बदलकर बयाना के पीलूपुरा के पास अड्डा गांव किया गया है. जहां गुरुवार को कलेक्टर व एसपी ने दौरा किया है.

वहीं, मामले में रेंज आईजी संजीव नार्जरी ने बताया है कि महापंचायत को देखते हुए वह सभी सुरक्षा इंतजाम की समीक्षा कर चुके हैं. महापंचायत के आयोजक गुर्जर समाज के टॉप लीडर से वह सम्पर्क में है और उन्होंने उनसे शांति पूर्वक अपनी बात रखने को कहा है. इसके लिए अलग से फोर्स भी तैनात किया है. सभी पुलिस थानों को अलर्ट मोड़ पर कर अतिरिक्त फोर्स रिजर्व में रखा गया है. पुलिस की 8 कम्पनी के लिए भरतपुर एसपी द्वारा पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा गया है.

इधर, शनिवार को होने वाली गुर्जर महापंचायत को लेकर पुलिस व प्रशासन के साथ ही रेलवे भी अलर्ट मोड़ पर है. 100 से अधिक आरपीएफ जवानों की बयाना, हिंडौन, डुमरिया व पीलूपुरा सहित गुर्जर बाहुल्य इलाकों में ट्रैक पर निगरानी के लिए तैनात किया गया है. गुर्जर आंदोलन का अब तक इतिहास रहा है कि गुर्जर रेलवे ट्रेक को अपना निशाना बनाते आए है.