राजस्थान: बेजुबानों के लिए आगे आया प्रशासन, पशु-पक्षी के बचाव के लिए रहा कुछ ऐसा...

जिला कलेक्टर ने कहा कि हमें संकट के समय में इंसान के साथ-साथ गाय, कुत्ते, बंदर, गिलहरी, पक्षी सहित सभी मूक पशु-पक्षियों की जान की परवाह भी करनी है.

राजस्थान: बेजुबानों के लिए आगे आया प्रशासन, पशु-पक्षी के बचाव के लिए रहा कुछ ऐसा...
अधिकारियों ने बंदरों को खुद अपने हाथों से केला खिलाया.

धौलपुर: कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के समय संकट की इस घडी में जब सभी लोग लॉकडाउन (Lockdown) में अपने अपने घरों में बंद है, किसी का कहीं भी आना-जाना नहीं हो पा रहा है तो ऐसी परिस्थिति में मूक पशु-पक्षी भी भूख-प्यास से व्याकुल हो रहे हैं.

इस बीच, जिला कलेक्टर राकेश कुमार जयसवाल एवं पुलिस अधीक्षक मृदुल कछावा धौलपुर से पशु पक्षियों के लिए फल दाना आदि गाड़ी में लेकर वन विहार अभयारण्य क्षेत्र में पहुंचे. यहां पहुंचकर सैकड़ों की संख्या में बंदर सहित पक्षियों आदि को जिला कलेक्टर और एसपी ने खिलाया.

अधिकारियों ने पक्षियों को दाना डाला और बंदरों को खुद अपने हाथों से केला खिलाया. इस दौरान, जिला कलेक्टर ने कहा कि हमें संकट के समय में इंसान के साथ-साथ गाय, कूत्ते, बंदर, गिलहरी, पक्षी सहित सभी पशु-पक्षियों की जान की परवाह भी करनी है.

उन्होंने कहा कि मूक पशु-पक्षियों को दाना एवं चारा पानी पशु-पक्षी प्रेमियों के द्वारा नियमित तौर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है. लॉकडाउन के कारण कोई व्यवधान नहीं पड़े और मूक प्राणियों का जीवन संकट में नहीं पड़े इसके लिए इनकी पीड़ा को महसूस करते हुए जिला प्रशासन द्वारा चारा, पानी, दाना आदि के व्यापक प्रंबध किए गए हैं.

जिला अधिकारी ने कहा कि इस बाबत जिले स्तर पर एक पशु-पक्षी, दाना पानी चारा प्रकोष्ठ का भी गठन किया गया है एवं प्रशासन द्वारा आम जन से पूर्ण सहयोग की अपील करते हुए संकट की इस घड़ी में मूक पशु-पक्षियों की सेवा का आवाह्न किया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में धौलपुर शहर के 16 स्थानों पर पशु प्याउ के लिए टंकियां रखवाई जा चुकी है, जहां पर प्रशासन की ओर से प्रतिदिन पानी एवं भूसा उपलब्ध करवाया जा रहा है.