एक्शन में सरकार ! कोविड-19 अलर्ट सिस्टम से पैनी नज़र, आप भी मत करना ये गलती

दूसरे प्रदेशों से अपने शहर-गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों और अन्य लोग जो संस्थागत या होम क्वारेंटीन है और नियमों की पालना नहीं कर रहे...

एक्शन में सरकार ! कोविड-19 अलर्ट सिस्टम से पैनी नज़र, आप भी मत करना ये गलती
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: दूसरे प्रदेशों से अपने शहर-गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों और अन्य लोग जो संस्थागत या होम क्वारेंटीन है और नियमों की पालना नहीं कर रहे, उनके खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है. ऐसे करीब 1 हजार 306 लोगों के खिलाफ पिछले कुछ दिनों में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्यवाही की है. इसमें नोटिस देने, पैनल्टी लगाने और एफआईआर दर्ज करने संबंधि कार्यवाही की गई है. 

राज्य स्तरीय क्वारेंटीन प्रबंध समिति की अध्यक्ष वीनू गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों तथा अन्य लोगों के लिए 14 दिन की अवधि के लिए क्वारेंटीन नियम का पालन करना जरूरी है. वर्तमान में 21 हजार से ज्यादा लोग संस्थागत क्वारेंटीन में हैं, जबकि 4 लाख 75 हजार से ज्यादा लोग होम क्वारेंटीन हैं. क्वारेंटीन नियम को तोड़ने वालों के विरुद्ध सरकार की ओर से सख्त कदम उठाते हुए अब तक एक हजार 306 लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जा चुकी है.

घरों से हटाकर संस्थागत क्वारेंटीन किया
वीनू गुप्ता ने बताया कि जो लोग घरों में क्वारेंटीन नियमों का पालन कर रहे हैं, उन पर भी पैनी नज़र रखी जा रही है. इन नियमों का पहली बार उल्लंघन करने वालों की समझाइश की जाती है. इसके बाद भी यदि उनके द्वारा नियमों को तोड़ा जाता है, तो उन्हें संस्थागत क्वारेंटीन में भेज दिया जाता है. उन्होंने बताया कि इस तरह के अब तक 604 को होम क्वारेंटीन से संस्थागत क्वारेंटीन किया जा चुका है. इसके अलावा 702 लोगों के विरुद्ध नोटिस देने, पैनल्टी लगाने तथा एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही की गई है. 

पोर्टल पर अलर्ट जारी हो जाता
कोविड क्वारेंटीन एलर्ट सिस्टम के जरिये प्रशासन इन लोगों की मॉनिटरिंग की जा रहा है. यह एप्लीकेशन सूचना एवं तकनीक विभाग के जरिए विकसित की है, जिसके जरिए नियम का उल्लंघन करते ही उक्त व्यक्ति की सूचना मिल जाती है और तत्काल कार्यवाही की जाती है. 

प्रदेश में 10212 क्वारेंटीन सेंटर
सरकार ने वर्तमान में प्रदेश में 10 हजार 212 क्वारेंटीन सेंटर बना रखे हैं. इसके लिए ग्राम पंचायत भवन, विद्यालयों के भवन इत्यादी को काम में लिया जा रहा है. उन्होने गुप्ता ने पाली, उदयपुर, जालौर, नागौर तथा डूंगरपुर जिलों में भारी संख्या में प्रवासी श्रमिकों का आगमन हुआ है. जालौर, पाली, नागौर, हनुमानगढ़ तथा बाड़मेर जिलों में ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जो होम क्वारेंटीन में रह रहे हैं जबकि नागौर, राजसमन्द, झुंझुनू, चित्तौड़गढ़ और चूरू जिलों में संस्थागत क्वारेंटीन लोगों की संख्या अधिक है.

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