बीकानेर: किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है 11वीं के छात्र की ये खोज!

अशोक गोदारा नाम के एक छात्र ने अपने गांव में पानी की क़िल्लत और सिंचाई में पानी की कमी के चलते फ़सलें ख़राब होने को देखकर Advance Agricultural System निर्माण किया है.

बीकानेर: किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है 11वीं के छात्र की ये खोज!
विद्युत उत्पादन के साथ सिंचाई का काम भी करेगा.

बीकानेर: जिले के एक छात्र ने अपने गुरु के साथ मिलकर तीन माह के अथक प्रयासों के बाद महज़ 1200 रुपये की लागत से Advance Agriculture System बना दिया है. ये सिस्टम पानी की बूंद-बूंद बचत के साथ सिंचाई के काम में आने की तकनीक मानी जा सकती है, जो विद्युत उत्पादन के साथ सिंचाई का काम भी करेगा.

धांधूसर गांव के क्लास 11 के अशोक गोदारा नाम के एक छात्र ने अपने गांव में पानी की क़िल्लत और सिंचाई में पानी की कमी के चलते फ़सलें ख़राब होने को देखकर Advance Agricultural System निर्माण किया है.

जानकारी के अनुसार, ये प्रोजेक्ट (Advance agriculture system)  कृषि में नवीन तकनीकी के उपयोग पर केंद्रित है. प्रोजेक्ट में वर्षा के जल को विभिन्न स्थानों से वैज्ञानिक तरीके से एक ऊंचे स्थल पर एक जगह पर एकत्रित कर लिया जाता है. फिर जल को ऊंचाई से नीचे स्थित टरबाइन पर गिराकर विद्युत उत्पादन किया जाता है. इस विद्युत का उपयोग हम घरों में या कृषि कार्यों में कर सकते हैं. फिर जल को बूंद-बूंद सिंचाई के द्वारा कृषि में काम लिया जाता है. बूंद बूंद सिंचाई या ड्रिप मैथड सिंचाई खेती की आधुनिक सिंचाई तकनीक है, जिसमें पानी की खपत कम होती है.

advance agriculture system made by ashok godara in bikaner

इस प्रकार से Advance Agriculture System विज्ञान की नवीन तकनीकी के उपयोग के द्वारा कृषि कार्यों को सरल व सुगम बनाके किसानों के लिए काफी फायदेमंद है. जिसका उपयोग सामुदायिक स्तर पर किया जा सकता है.
अगर इस सिस्टम की बड़े स्तर पर तैयार कर इस्तेमाल में लिया जाए तो ये सिस्टम न केवल ग्रामीण इलाक़ों में बिजली बनाएगा बल्कि सिंचाई के लिए पानी की बूंद बूंद तकनीक भी बनेगा. फ़िलहाल छात्र अशोक और उनके गुरु को इंतज़ार है कि ये सिस्टम आख़िरकार आम जनता तक कैसे पहुंचे?

Laxmi Upadhyay, News Desk