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गहलोत के सीएम बनते ही ब्‍यूरोक्रेसी में हो सकता है बड़ा बदलाव, कई अफसरों को मिलेगी नई जिम्‍मेदारी!

अखिल अरोड़ा, करीब 5 वर्ष से आईएएस एक पद पर हैं. वह 21 दिसंबर 2013 से आयोजना विभाग में हैं. अब सचिव से प्रमुख सचिव बने हैं. 

गहलोत के सीएम बनते ही ब्‍यूरोक्रेसी में हो सकता है बड़ा बदलाव, कई अफसरों को मिलेगी नई जिम्‍मेदारी!
गलहोत के सीएम बनने के साथ ही ब्यूरोक्रेसी में बदलाव की अटकलें भी तेज हो गई हैं. (फोटो- Twitter)

जयपुर/ भरतराज: अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के ऐलान के साथ ही ब्यूरोक्रेसी में बदलाव की अटकलें भी तेज हो गई हैं. इनमें खास तौर पर वे अधिकारी बदले जाएंगे, जिन्हें एक जगह 5, 4 या 3 वर्ष हो गए हैं. जो आईएएस अभी काफी वर्षों से बड़े या अहम पद पर हैं, उनकी जिम्मेदारी में बदलाव होना तय माना जा रहा है. 1984 बैच के मुकेश शर्मा-वित्त 1 मई 2018 से इस पद पर हैं. हालांकि उन्हें वित्त एसीएस पद पर रहे ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन अहम पद होने के चलते उनकी जिम्मेदारी में बदलाव आ सकता है. ब्यूरोक्रेसी के मुखिया बदलने की स्थिति में उनका मुख्‍य सचिव बनने के लिए भी नाम लिया जाता रहा है.

आईएएस अखिल अरोड़ा, करीब 5 वर्ष से एक पद पर हैं. वह 21 दिसंबर 2013 से आयोजना विभाग में हैं. वे अब सचिव से प्रमुख सचिव बने हैं. वहीं प्रवीण गुप्ता 13 दिसंबर 2013 से राजस्व वित्त सचिव हैं. नरेशपाल गंगवार, दिसंबर 2013 से ही कभी प्रारंभिक तो कभी माध्यमिक दोनों विभागों में शिक्षा के सचिव और प्रमुख सचिव रह चुके हैं. अब उनकी जिम्मेदारी में अहम बदलाव हो सकता है.

इन अधिकारियों को भी मिल सकती है नई जिम्मेदारियां
- संजय मल्होत्रा 31 अक्टूबर 2014 से ऊर्जा विभाग में सचिव हैं. 1 जनवरी 2015 में प्रमोट होकर वह प्रमुख सचिव बने थे, लेकिन इसी विभाग में रहे.

- नवीन जैन, नेशनल हेल्थ मिशन में जून 2014 से विशिष्ट सचिव और सचिव रह चुके हैं.

- अजय शंकर पांडे 13 फरवरी 2015 से गवर्नर ओएसडी हैं. हालांकि उनके पद में बदलाव की संभावना कम है.

- वीनू गुप्ता जुलाई 2016 से मेडिकल विभाग में हैं. वे इस विभाग में प्रमुख सचिव और अब एसीएस हैं.

- 1995 बैच के आईएएस भास्कर ए सावंत जून 2016 से डीओपी सचिव हैं.

- आलोक गुप्ता 1996 बैच के हैं और वह जून 2016 से वाणिज्य कर आयुक्त हैं.

- वैभव गालरिया नवंबर 2016 से जेडीसी के पद पर भूमिका निभा रहे हैं. सरकार के शपथ ग्रहण के बाद की सूची में इनकी जिम्मेदारी में बदलाव हो सकता है.

- सिद्धार्थ महाजन अप्रैल 2016 से जयपुर कलेक्टर हैं. इनकी भूमिका में बदलाव हो सकता है.

- 1985 बैच के आईएएस राजीव स्वरूप 2016 से कभी एमएसएमई तो कभी उद्योग में प्रमुख सचिव और एसएस की भूमिका निभाते रहे हैं. अब इनकी भूमिका में बदलाव संभव है.

- 1993 बैच की आईएएस अपर्णा अरोड़ा जनवरी 2017 से खान विभाग की प्रमुख सचिव हैं. उनकी जिम्मेदारी में भी बदलाव संभव है.

- 1999 बैच की आईएएस मुग्धा सिन्हा नवंबर 2017 से खाद्य विभाग में सचिव हैं. अब इनकी भूमिका में बदलाव संभव है.

- 2004 बैच के आईएएस रवि कुमार सुरपुर मई 2017 से जोधपुर कलेक्टर हैं. यदि गहलोत के सीएम बनते ही कलेक्टर्स को बदला गया तो सुरपुर भी बदले जा सकते हैं.

वहीं दूसरी ओर अभी अपेक्षाकृत कम महत्व वाले पदों पर लगे आईएएस अधिकारियों को भी आनेवाली सरकार में अच्छी पोस्टिंग की ललक है. 

हालांकि, इस लिस्ट में कई अन्य अधिकारियों के नाम भी शामिल है. जिनमें से पीएचईडी प्रमुख सचिव रजत कुमार मिश्र की बात करें तो वह केंद्र में जाने के लिए आवेदन कर चुके हैं. वहीं महिला-बाल विकास प्रमुख सचिव रोली सिंह केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा सकती हैं. इसके लिए ऊर्जा प्रमुख सचिव संजय मल्होत्रा का नाम भी चर्चाओं में है लेकिन पुष्टि नहीं की जा सकी है. बी एन शर्मा का जुलाई 2019 में रिटायरमेंट है और अभी नेशनल एंटी प्रोफिटयरिंग अथॉरिटी चेयरमैन हैं. सरकार बनने के बाद उनके और उनकी पत्नी उषा शर्मा के केंद्र से होम कैडर में आ सकने की संभावना को लेकर चर्चाएं हैं लेकिन इस बारे में भी कुछ कहा जा नहीं सकता है.