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राजस्थान: लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार, देखें, कांग्रेसी इस चुनाव में फेल होते हैं या पास?

राजस्थान में 10 जून को निकायों के उप-चुनाव होने जा रहे हैं और इसी साल के आखिर में निकायों के चुनाव और उसके बाद फिर पंचायत चुनाव होंगे. ऐसे में कांग्रेस को इन चुनावों में बड़ी जीत कर दर्ज कर दिखाना होगा कि राजस्थान में जमीनी स्तर पर अभी भी उसका वजूद कायम है.

राजस्थान: लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार, देखें, कांग्रेसी इस चुनाव में फेल होते हैं या पास?
कांग्रेस के नेता संगठन में खामियां गिना रहे हैं. (फाइल फोटो)

राजस्थान: 2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस को जल्द ही अगली बड़ी चुनौती से पार पाना है. राजस्थान में 10 जून को निकायों के उप-चुनाव होने जा रहे हैं और इसी साल के आखिर में निकायों के चुनाव और उसके बाद फिर पंचायत चुनाव होंगे. ऐसे में कांग्रेस को इन चुनावों में बड़ी जीत कर दर्ज कर दिखाना होगा कि राजस्थान में जमीनी स्तर पर अभी भी उसका वजूद कायम है.

लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में उठा तूफान अब शांत है. राज्य और केंद्र के संगठन का पूरा फोकस राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए मनाने का है.

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने एकबारगी यह साफ कर दिया है कि राजस्थान में संगठन में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं होगा. लेकिन कांग्रेस को जल्द ही एक बार फिर से बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. 

राजस्थान में 10 जून को निकायों के 14 सीटों पर उप चुनाव हो रहे हैं. इन 14 सीटों पर कांग्रेस को जीत दर्ज कर यह दिखाना होगा कि राजस्थान में अभी भी ग्रास रूट पर उसके कार्यकर्ता सक्रिय हैं. इसके बाद इसी साल नवंबर से प्रदेश में निकाय चुनाव का दौर शुरू हो जाएगा और फिर उसके बाद पंचायत चुनाव होंगे. 

माना जाता है कि शहरी क्षेत्र में भाजपा और ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस प्रभावी रही है लेकिन कांग्रेस के लिए लोकसभा चुनाव की हार से उबरने का सबसे बड़ा अवसर होगा. वैसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट भी मानते हैं कि आने वाले दिन कांग्रेस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है.

कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि लोकसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद कार्यकर्ता का मनोबल पूरी तरह से टूटा हुआ है. संगठन में भी कई खामियां हैं. इसके साथ ही पार्टी नेताओं में आपसी गुटबाजी चरम पर है. पीसीसी से लेकर ब्लॉक स्तर तक निष्क्रिय कार्यकर्ताओं की भरमार है. ऐसे में इस पूरे सिस्टम को ठीक करने के लिए कांग्रेस को एक बड़े स्तर पर अभियान चलाना होगा. 

वैसे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का कहना है कि कांग्रेस जनता से जुड़ने के लिए एक बड़े स्तर पर अभियान की तैयारी कर रही है. माना जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष खुद राजस्थान के दौरे पर निकले और पूरे प्रदेश में बैठकर कर कांग्रेस की मजबूती की दिशा में काम करें. साथ ही जिन पदाधिकारियों ने लोकसभा चुनाव में सक्रियता नहीं दिखाई है, उनको पार्टी से बाहर भी किया जा सकता है.