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अजमेर: एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर रूपए निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश

ये शातिर बदमाश एटीएम की लिमिट ऑउट होने पर ऑनलाइन एटीएम से रूपया दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर लेते थे. इनके तार देश के कई राज्यों में जुड़े है.

अजमेर: एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर रूपए निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश
पुलिस को अभी इस गिरोह से जुड़े कई शातिर और मास्टरमाइंड की तलाश है.

पुरूषोत्तम जोशी/टोंक: देशभर में एटीएम से रूपए चोरी होने के या फिर खाते से रूपए निकलने की लाखों शिकायतें पुलिस थानों में दर्ज हुई. कई शिकायतें तो थाने तक भी नहीं पहुंची. लेकिन जब राजस्थान में टोंक के देवली में एक के बाद एक दर्जनभर वारदातें हुई जब जाकर नींद में सो रही पुलिस जागी और जुट गई सुराग खंगालने में. फिर क्या था टोंक की स्पेशल पुलिस को आखिरकार तीन महीनें में शातिर गिरोह हत्थे चढ़ गया.

बड़े-बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों, गांवों तक बैंक खाता धारकों के साथ पिछले कुछ महीनों में ऐसी घटनाएं हुई की हर किसी की नींद उड़ गई. हर कोई एक ही शिकायत कर रहा था. आज मेरे खाते से किसी ने रूपए निकाल लिए या फिर आज मेरे खाते से रूपए निकल गए. बैंकों में शिकायतें लेकर पहुंचते तो कोई समाधान नहीं मिल रहा था. जब 19 फरवरी को टोंक जिले के देवली में रिटायर्ट सैनिक के खाते से 10 हजार रूपए निकलने का मैसेज मोबाइल में पहुंचा तो सुखदेव सिंह देवली थाने पहुंचें और शिकायत की. दूसरे ही दिन फिर एक और रिटायर्ट सैनिक के खाते से रूपए निकल गए. 

सिलसिला ऐसा चला कि दर्जनभर लोगों के खाते से लाखों रूपए निकाल लिए गए. शिकायत जैसे ही पुलिस थाने में दर्ज हुई तो टोंक सदर थाना पुलिस और साइबर सैल के साथ स्पेशल टीम सुराग खंगालने में जुट गई. जब शातिर लुटेरों के तार राजस्थान से हरियाणा पहुंचे तो टीम से जुड़े अधिकारी सकते में आ गए. पुलिस अधिकारियों ने तीन शातिर बदमाशों को धर दबोचा. साथ में एटीएम के तैयार क्लोन कार्ड भी बरामद किए. पुलिस ने इन शातिरों के पास से एक लक्जरी कार भी बरामद की.

थानाधिकारी से जब इनकी शैक्षणिक योग्यता और आईटी के ज्ञान को लेकर सवाल पूछा तो थानाधिकारी नेमीचंद ने बताया कि यह तीनों ही युवक अनपढ़ है जो कभी स्कूल तक नहीं गए. फिर सवाल यह उठा कि ये आखिर कैसे क्लोन तैयार करते है. कैसे ऑनलाइन ठगी करते है तो बताया कि इन्होने खास मोबाइल एप्लीकेशन तैयार करवाई हुई है. जिससे यह एटीएम का क्लोन तैयार करते है. फिर एटीएम में खड़े होकर बुजुर्ग लोगों, महिलाओं को निशाना बनाते थे. जिसमें एक तो एटीएम के पास खड़ा होता था और दूसरा एटीएम धारक के पीछे मदद करने के बहाने खड़ा होता था. जबकि एटीएम के पास खड़ा युवक मोबाइल से एटीएम के पिन डालते का वीडियो बनाता था, फिर उस एटीएम का क्लोन तैयार कर दूसरे राज्यों या जिलों में जाकर रूपए निकाल लेते थे. 

यह इतने शातिर है कि एटीएम की लिमिट ऑउट होने पर ऑनलाइन एटीएम से रूपया दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर लेते थे. इनके तार देश के कई राज्यों में जुड़े है. गिरफ्तार शातिर बदमाशों में हरियाणा के सैनीपुरा निवासी संदीप कुमार नायक, हरियाणा के हांसी निवासी संदीप सांसी उर्फ जल्ला, तीसरा आरोपी सोनू सांसी भी हांसी का ही निवासी है. इनका पूरा गांव जेब तराशी और एटीएम लूट का काम करता है. जो अलग-अलग राज्यों में तीन से चार युवकों का ग्रूप में वारदातों को अंजाम देते है. फिलहाल पुलिस को अभी इस गिरोह से जुड़े कई शातिर और मास्टरमाइंड की तलाश है.

इन शातिर बदमाशों ने राजस्थान के चूरू, झुंझुनू, सीकर, नागौर, अजमेर, जयपुर, बूंदी, कोटा, उदयपुर, बांसवाड़ा और आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में एटीएम बदल कर क्लोन तैयार कर रूपए निकालने की वारदातों को अंजाम दिया है. उम्मीद है कि इस गिरोह के मास्टरमाइंड की जल्द गिरफ्तारी होगी.