अजमेर: सरकार की घोषणा के बाद भी नहीं मिली खिलाड़ियों को पुरस्कार की राशि

48 लाख की राशि आज भी स्पोर्ट्स काउंसिल द्वारा नहीं दी गई है. 

 अजमेर: सरकार की घोषणा के बाद भी नहीं मिली खिलाड़ियों को पुरस्कार की राशि
60 खिलाड़ियों को अब तक नहीं मिली पुरस्कार की राशि

नागौर: प्रदेश सरकार खेल से जुड़े प्रतिभाओं के प्रोत्साहन को लेकर गंभीर नहीं है ऐसे आरोप आए दिन सरकार पर लगते रहे हैं. लेकिन हाल ही में हुए वाकये से यह आरोप सच साबित होता नजर आ रहा है. खबर के मुताबिक प्रदेश में जिम्नास्टिक में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मेडल जीतने वाली प्रतिभाओं को अब तक अपना प्राइज मनी नहीं मिला है. 

नागौर जिले के जिम्नास्टिक में अपना शानदार प्रदर्शन कर मेडल जीतने वाली 60 प्रतिभाओं को सरकार द्वारा गोल्ड मेडल लाने पर एक लाख, सिल्वर मेडल लाने 50 हजार और ब्रॉन्ज मेडल लेने पर 30 हजार की राशि पुरस्कार के रूप में दी गई. मगर आसपुरा जिम्नास्टिक सेंटर के 60 खिलाड़ियों को दी जाने वाली राशि के अब तक मात्र 5 लाख की राशि दी गई है. 48 लाख की राशि आज भी स्पोर्ट्स काउंसिल द्वारा नहीं दी गई है. 

आसपुरा जिम्नास्टिक सेंटर के प्रशिक्षक बाबूलाल कमेडिया के मुताबिक सेंटर के खेल प्रतिभाओं का स्पोर्ट्स काउंसिल के जयपुर कार्यालय में भेजकर सत्यापन करवाया जा चुका है. मगर काउंसिल द्वारा अब तक राशि का भुगतान नही किया गया. 

बाबूलाल कमेडिया बताते है कि आसपुरा जिम्नास्टिक सेंटर में ज्यादातर जिले की गरीब और आर्थिक रुप से पिछड़ी हुई प्रतिभाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है. मगर समय पर इनकी राशि नही मिल पाने की वजह से यह अपना किट नही खरीद पाते है. साथ ही वह भविष्य का प्रशिक्षण नहीं कर पाते है जिससे खिलाड़ियों को परेशानिया उठानी पड़ रही है. 

उधर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव चेतन डूडी ने प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की समस्याओं को लेकर कहा है कि कांग्रेस की गहलोत सरकार ने प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढाने के लिए पुरस्कार देने शुरू किए थे, मगर प्रदेश की भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार को खेलो को प्रोत्साहन देने में कोई रुचि नहीं है, जिससे प्रदेश की प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पाई है. हाल ही में हरियाणा और पंजाब से कम मेडल इस बार प्रदेश को मिले.  

वैसे तो प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है. अगर प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देकर तराशा जाए तो देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रौशन कर प्रदेश को गोल्ड सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल दिलवा सकते है. जरूरत इस बात की है कि प्रतिभाओं को जरूरी प्रोत्साहन देकर तराशा जाए.