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अजमेर: मानसून की पहली बारिश से हुआ जलभराव, लोग घर छोड़ने पर मजबूर

लोगों को बारिश से गर्मी से राहत तो मिली लेकिन वहीं शहर की कई कॉलोनियां सहित निचले इलाके पानी में डूब गए. हालात यह हो गए कि जिला कलेक्टर को स्कूलों की छुट्टियों की घोषणा करनी पड़ीं

अजमेर: मानसून की पहली बारिश से हुआ जलभराव, लोग घर छोड़ने पर मजबूर
पहली बारिश से हुए जलभराव ने लोगों के परेशान कर दिया है.

किशनगढ़: अजमेर के मानसून आने से लोगो को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन पहली बारिश से ही हुए जलभराव ने लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया. पहली बारिश से हुए जलभराव ने लोगों के परेशान कर दिया है. अजमेर के किशनगढ़ में देर शाम को शुरू हुई. झमाझम बारिश का दौर सुबह तक चला जिससे चारो ओर पानी भर गया.

हालांकि, लोगों को बारिश से गर्मी से राहत तो मिली लेकिन वहीं शहर की कई कॉलोनियां सहित निचले इलाके पानी में डूब गए. हालात यह हो गए कि जिला कलेक्टर को स्कूलों की छुट्टियों की घोषणा करनी पड़ी. वहीं जलमग्न हुई बस्तियों में एम्बुलेंस के अंदर ही डॉक्टर व नर्सो की टीम ने डिलिवरी भी करवाई. यह मामला न्यू हाऊसिंग बोर्ड कच्ची बस्ती का था.

वहीं खबर के मुताबिक शहर में बारिश के बाद बिगड़े हालात पर प्रशासन भी अलर्ट मोड़ पर आ गया. विधायक और एसडीएम श्यामा राठौड़ ने पानी भरे इलाकों का दौरा किया, जहां पर हालात बहुत ही विकट नजर आए. इलाकों में नालों की सफाई नहीं होने के चलते ब्लॉक नालों की वजह से कॉलोनियों में पानी भर गया. वहीं नगर परिषद व पार्षदों की मिलीभगत के चलते कच्ची बस्तियों में पानी भर गया.

पूरी बस्ती पानी में डूब गई, हालत ऐसे हो गए की छोटे बच्चों को उनके परिजन अपने कंधो पर बैठाकट बस्ती से बाहर निकाल रहे है. जबकि कई सड़को को भी बारिश अपने साथ बहा कर ले गई. पिछले दिनों मानसून पूर्व हालात पर हुई बैठक में SDM श्यामा राठौड़ ने नालों की सफाई सहित निचले इलाकों में बसी कच्ची बस्तियों के लोगों को ऊपरी इलाको में शिफ्ट करने का आदेश दिये थे. लेकिन काम करने की बजाय नगर परिषद ने दोनों ही जगह केवल लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ का काम किया. 

किशनगढ़ में हुए बाढ़ के हालात पर विधायक सुरेश टांक लगाता दौरे कर क्षेत्र की स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. पानी भरने से कच्ची बस्तियों में बेघर हुए लोगों के लिए विधायक सुरेश टांक ने खाने की व्यवस्था भी अपने स्तर पर करवाई. फिलहाल मौके पर बचाव कार्य जारी है लेकिन एक ही रात की बारिश ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.