Ajmer Sex Scandle: 32 साल में सड़ने लगे थे कंडोम और बिस्तर, बदबू से पुलिस की हालत हो गई थी खराब, पढ़ें कैसे-कैसे संभाले अजमेर सेक्स स्कैंडल के कीमती सबूत

Ajmer Sex Scandle Case: 32 साल तक अजमेर सेक्स स्कैंडल के सबूतों को पुलिस ने सहेजा! सड़ते कंडोम, बिस्तर और बदबू ने बढ़ाई मुश्किलें, फिर भी पीड़िताओं के लिए इंसाफ की जंग जारी.

Ajmer Sex Scandle: 32 साल में सड़ने लगे थे कंडोम और बिस्तर, बदबू से पुलिस की हालत हो गई थी खराब, पढ़ें कैसे-कैसे संभाले अजमेर सेक्स स्कैंडल के कीमती सबूत
Image Credit: Ajmer Sex Scandle Case

Ajmer Sex Scandle Case: राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर ब्लैकमेल कांड के आरोपियों को बड़ी राहत दी है. अदालत ने उनकी उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी है. यह फैसला न्यायालय द्वारा मामले की सुनवाई के बाद दिया गया है. गौरतलब है कि 20 अगस्त 2024 को पॉक्सो कोर्ट ने इन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

बदनामी का डर और आत्महत्या

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अजमेर ब्लैकमेल कांड 1992 में हुआ था, जिसमें 100 से अधिक कॉलेज छात्राओं को ब्लैकमेल कर उनके साथ गैंगरेप और अश्लील तस्वीरें खींचने का सिलसिला सामने आया था. बदनामी के डर से कई छात्राओं ने आत्महत्या तक कर ली थी. इस मामले में कुल 18 आरोपी थे, जिनमें से 9 को पहले ही सजा हो चुकी है. हाईकोर्ट के इस फैसले से पीड़ितों के जख्म फिर से हरे हो गए हैं और अब वे नई कानूनी लड़ाई की तैयारी कर सकते हैं.

100 महिलाओं के साथ अत्याचार

पुलिस को 100 महिलाओं के साथ अत्याचार करने वाले अपराधियों ने घटनास्थल के बारे में जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने साक्ष्य एकत्र किए. प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर आरोपियों ने महिलाओं के साथ क्रूरता की थी, वहां पुलिस को बिस्तर, कैसेट्स, कंडोम, कैमरे और कपड़े मिले. इन सभी साक्ष्यों को इकट्ठा कर चार आरोपियों के खिलाफ अदालत में पेश किया गया. 32 साल बाद बिस्तर और कंडोम सड़ने लगे थे.

पीड़िताओं ने बदल लिया था बयान

अभियोजन विभाग के सहायक निदेशक विजय सिंह राठौड़, जो साल 2020 से इस मामले की पैरवी कर रहे हैं, ने बताया कि इस केस में अब तक 12 अभियोजक बदल चुके हैं. आरोपियों ने 100 से अधिक बालिकाओं के साथ क्रूरता की थी. पुलिस ने जांच के दौरान 16 रेप पीड़िताओं को गवाह के रूप में तैयार किया था. जानकारी के अनुसार, 13 पीड़िताओं ने दबंग अपराधियों के डर से अदालत में अपने बयान बदल दिए, लेकिन कोर्ट ने उनके पुराने बयानों के आधार पर कार्रवाई को जारी रखा.

बदबू मारने लगे थे बिस्तर और कंडोम
रेप केस की जांच कर रही पुलिस टीम ने कंडोम, बिस्तर, कैसेट्स के अलावा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को 32 साल तक संभालकर रखा. पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से मिले बिस्तर और कंडोम से दुर्गंध आ रही थी, जिसके कारण साक्ष्यों को संभालने में काफी परेशानी हुई. फिर भी, साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ होने या अपराधियों के बच निकलने के डर से पुलिस ने तमाम मुश्किलों के बावजूद इन साक्ष्यों को सुरक्षित रखा. साथ ही, पुलिस ने पीड़िताओं के रिश्तदारों को ढूंढा और पीड़िताओं से संपर्क कर उन्हें अदालत में गवाही देने के लिए मनाया.

इस केस में आरोपियों को सजा दिलाने में पुलिस को काफी लंबा समय लगा. पुलिस के अनुसार, उनकी सबसे बड़ी चुनौती थी पीड़िताओं को सामने लाना और इतने लंबे समय तक साक्ष्यों को सुरक्षित रखना. समाज में लोगों के तानों और बदनामी के डर के साथ-साथ दबंग अपराधियों के डर से परिवार की सुरक्षा को लेकर कई पीड़िताओं ने शहर ही छोड़ दिया.

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Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज, Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत है. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर की खबरों में खास दिलचस्पी. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनाव और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बयान पर नजर. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करने में मजा आता है. इसके अलावा कंटेंट को पैकेजिंग करके परोसना इनकी खासियत है. डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव. इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है और वर्तमान में मेरठ कॉलेज से LLB की पढ़ाई कर रहे हैं. खबरों की गंध सूंघने और उसे सबसे पहले, सबसे तेज परोसने का जुनून. यही अंश राज हैं