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Tonk news: राजस्थान में सरकारी स्कूलों के भवनों की हालत प्रदेश में किसी से छिपी नहीं है. झालावाड़ हादसे के बाद हाईकोर्ट ने जीर्ण शीर्ण भवनों में शिक्षण कार्य करने पर रोक के आदेश जारी किए थे उसका असर देखने को मिला.
टोंक शहर के महात्मा गांधी स्कूल महादेवाली में एक जर्जर स्कूल को जमींदोज करने की प्रक्रिया जारी उल्लेखनीय है कि टोंक जिले में 103 ऐसे सरकारी स्कूल हैं जिन्हें चिन्हित किया गया है. टोंक जिले में बरसात का दौर थमने से आमजन ने राहत ली है, लेकिन सबसे बड़ी राहत शिक्षा ने ली है.
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वहीं अभिभावकों और छात्र-छात्राओं में दिमाग से दहशत दूर होने लगी है. टोंक में मौजूद स्कूलों में से 103 सरकारी स्कूलों को चिन्हित किया गया था, जिनमें से कुछ की रिपेयरिंग होगी. वहीं कुछ स्कूलों को जमींदोज करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है.
वहीं पिछ्ले दिनों बरसात के मौसम में ककोड़ और लाम्बा हरिसिंह स्कूलों के भवन गिरने के बाद बड़े हादसे होते-होते बचे. गनीमत यह रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ वर्ना तो टोंक जिले में कई बार सरकारी स्कूलों में बरसात होते ही बच्चो की छुट्टी करनी पड़ रही थी.
टोंक जिले में स्कूल में कहीं बल्लियों के सहारे पट्टियोक को रोकने के नजारे देखने को मिले थे. वहीं पिछले दिनों जिले के ककोड़ उच्च माध्यमिक सरकारी स्कूल के एक कमरे की छत और लाम्बा हरिसिंह स्कूल भवन के चार कमरे अचानक गिर गए थे. गनीमत रही कि इस दौरान कोई हादसा पेश नहीं आया.
ककोड़ में जिस स्कूल की छत गिरी है. उस स्कूल में 17 कक्षो में से लगभग 15 कक्ष जीर्ण-श्रीण अवस्था में है. वहीं पास वाले कक्ष में छात्राओं की क्लास चल रही थी. वहीं लाम्बा हरिसिंह में स्कूल शुरू होने से पहले किले की दीवार गिरने से चार कमरे मलबे में तब्दील हो गए थे. वह चार कमरों की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी.
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