अजमेर मेडिकल कॉलेज की अनूठी पहल, अब हवन के जरिए होगा मरीजों का इलाज!

Ajmer News: राजस्थान के अजमेर मेडिकल कॉलेज ने एक अनूठी पहल की है. यहां अब  बीमारियों का उपचार हवन के माध्यम से किया जाएगा. कॉलेज को इस विस्तृत अनुसंधान के लिए लाखों का बजट भी स्वीकृत हुआ है. 
 

अजमेर मेडिकल कॉलेज की अनूठी पहल, अब हवन के जरिए होगा मरीजों का इलाज!
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Ajmer News: राजस्थान के अजमेर मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा जगत में एक अनूठी पहल की है. माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. विजयलता रस्तोगी के प्रयासों से अब जीवाणु जनित बीमारियों का उपचार हवन के माध्यम से किया जाएगा. इस अभिनव प्रयोग को इसी साल फरवरी में पेटेंट भी मिल गया है, जो मेडिकल कॉलेज के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. कॉलेज को इस विस्तृत अनुसंधान के लिए लाखों का बजट भी स्वीकृत हुआ है.

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. विजयलता रस्तोगी पिछले कई सालों से इस विषय पर शोध कर रही थीं. उनके शोध के अनुसार, हवन में उपयोग की जाने वाली सामग्री, जैसे जड़ी बूटियां और अन्य प्राकृतिक तत्व, जीवाणुओं को नष्ट करने में सक्षम हैं. उन्होंने विभिन्न प्रकार के हवन सामग्री के धुएं का जीवाणुओं पर पड़ने वाले प्रभाव का गहन अध्ययन किया और पाया कि कुछ विशेष हवन सामग्री जीवाणु-रोधी गुणों से भरपूर होती है.

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इस उपचार पद्धति में, मरीज को एक विशेष रूप से तैयार किए गए कक्ष में रखा जाएगा, जहां हवन किया जाएगा. हवन से निकलने वाला धुआं कमरे में फैलेगा और मरीज इसे सांस के माध्यम से ग्रहण करेगा. जानकारी के अनुसार, हवन के धुएं में मौजूद जीवाणु-रोधी तत्व शरीर में मौजूद जीवाणुओं को नष्ट कर देंगे.

इस अनूठे शोध को पेटेंट मिलने से मेडिकल कॉलेज में खुशी की लहर है. पेटेंट मिलने का मतलब है कि यह तकनीक अब अजमेर मेडिकल कॉलेज के नाम पर सुरक्षित है और इसका व्यावसायिक उपयोग केवल कॉलेज की अनुमति से ही किया जा सकता है.

इसके साथ ही, विस्तृत अनुसंधान के लिए लाखों का बजट मिलने से अब इस परियोजना को और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. इस शोध में साल 2011 से लगातार अनवरत संघर्ष कर रही डॉ. विजय लता रस्तोगी का कहना है कि 14 साल के सफर का यह अंत नहीं है बल्कि अब एक नई शुरुआत होगी, जहां से इसे व्यापक मान्यता के साथ-साथ जन उपयोगी माना जाएगा.

इस पूरी हवन में 40 प्रकार जड़ी बूटियां का प्रयोग किया गया है और साथ ही साथ 11 अलग-अलग तरह के समूह बैक्टीरिया को निष्क्रिय करने में सफलता मिली है.

Reporter- Abhijeet Dave

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Sneha Aggarwal

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मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.