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Ajmer Seven Wonders : अजमेर के आनासागर वेटलैंड क्षेत्र में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बने सेवन वंडर्स को तोड़ने की कार्रवाई तेजी से चल रही है. सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के तहत अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) को 17 सितंबर तक सभी सात संरचनाओं को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया था. हालांकि, कार्रवाई तय समय से पहले ही पूरी होने की संभावना है.
अंतिम चरण में है तोड़ने का काम
चार संरचनाएं पहले ही जमींदोज हो चुकी हैं, और अब ताजमहल और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की प्रतिकृतियों को तोड़ने का काम अंतिम चरण में है. अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो आज ही इन दो प्रमुख संरचनाओं के ध्वस्त होने के साथ ही 12 करोड़ रुपये की लागत से बना यह प्रोजेक्ट पूरी तरह इतिहास बन सकता है. यह कार्रवाई आनासागर झील के भराव क्षेत्र को हुए नुकसान और पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है.
17 सितंबर की समयसीमा
प्रशासन ने 17 सितंबर की समयसीमा से पहले सभी निर्माणों को जमींदोज करने का लक्ष्य रखा है. यह प्रोजेक्ट 12 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था, जिसका उद्घाटन 2022 में हुआ था. कोर्ट के आदेशों के बाद वेटलैंड क्षेत्र के पर्यावरणीय संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है, क्योंकि इन निर्माणों से आनासागर झील के भराव क्षेत्र को नुकसान पहुंचा था.
एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
आनासागर वेटलैंड और मास्टर प्लान के उल्लंघन को लेकर बीजेपी के पूर्व पार्षद अशोक मलिक ने 11 मार्च 2023 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दायर की थी. एनजीटी की भोपाल बेंच ने 11 अगस्त 2023 को अपने फैसले में सेवन वंडर्स पार्क, पटेल स्टेडियम, गांधी स्मृति उद्यान और झील के आसपास बने फूड कोर्ट को ध्वस्त करने का आदेश दिया.
मास्टर प्लान की अनदेखी
कोर्ट ने माना कि इन निर्माणों से वेटलैंड को नुकसान पहुंचा और मास्टर प्लान की अनदेखी की गई. सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में टिप्पणी करते हुए कहा कि जल निकायों और आर्द्र भूमि की सुरक्षा के बिना कोई शहर स्मार्ट नहीं बन सकता. कोर्ट ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अतिक्रमण हटाने पर जोर दिया. इस कार्रवाई से आनासागर झील के पर्यावरणीय संरक्षण की दिशा में कदम उठने की उम्मीद जताई जा रही है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तोड़ा जा रहा सेवन वंडर्स
अजमेर के आनासागर वेटलैंड क्षेत्र में बने सेवन वंडर्स को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तोड़ा जा रहा है. याचिकाकर्ता और बीजेपी के पूर्व पार्षद अशोक मलिक ने बताया कि 17 मार्च 2025 को राजस्थान के चीफ सेक्रेटरी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर इस कार्रवाई की जानकारी दी थी. मलिक के अनुसार, सेवन वंडर्स के निर्माण के दौरान प्रशासन ने आनासागर झील में मिट्टी भरकर इसके भराव क्षेत्र को कम कर दिया, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा. उन्होंने मांग की है कि प्रशासन इस मिट्टी को हटाकर झील का भराव क्षेत्र सड़क तक बहाल करे और क्षेत्र में मौजूद 39 अन्य अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त किया जाए.
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 2016 में अजमेर को चुना गया था, और इसके अंतर्गत करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से एक हेक्टेयर जमीन पर सेवन वंडर्स बनाया गया था, जिसका उद्घाटन 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया था.
प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी
इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी पूर्व में कई आईएएस अधिकारियों, जैसे गौरव गोयल, आरती डोगरा, विश्व मोहन शर्मा, प्रकाश राजपुरोहित, अंशदीप, डॉ. भारती दीक्षित, और वर्तमान में लोकबंधु (जिला कलेक्टर) व देशलदान (नगर निगम आयुक्त) के पास रही. अजमेर विकास प्राधिकरण के आयुक्तों में नमित मेहता, निशांत जैन, गौरव अग्रवाल, रेणु जयपाल, अक्षय गोदारा, गिरधर और श्रीनिधि बीटी जैसे अधिकारियों ने भी भूमिका निभाई. मलिक ने जोर देकर कहा कि वेटलैंड के संरक्षण के लिए सभी अवैध निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है ताकि आनासागर झील का पर्यावरणीय संतुलन बहाल हो सके.
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