Rajasthan News: भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र के बराना गांव में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जातीय तनाव की शर्मनाक घटना सामने आई. खाकुल देव मंदिर में दलित पुजारी से भीड़ ने मारपीट कर जातिसूचक गालियां दीं और मंदिर से बाहर फेंक दिया.
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Rajasthan News: भले ही हमने शुक्रवार को स्वाधीनता दिवस मना लिया है, लेकिन आज भी देश की कई क्षेत्रों में जातीय छुआछूत, भेदभाव और दलित उत्पीड़न की घटना थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जहां 14 अगस्त की रात्रि को पूरा देश स्वतंत्रता दिवस समारोह को धूमधाम से मनाने की तैयारी में जुटा हुआ था, वर्षों की गुलामी के बाद आजाद हुए देश के हर नागरिक में उत्साह का माहौल था, वही आसींद थाना क्षेत्र के बराना गांव में 60 से 70 लोगों की भीड़ ने खाकुल देव मंदिर के दलित परिवार के पुजारी से मारपीट करते हुए जातिसूचक गालियां निकालते हुए मंदिर से बाहर फेंक दिया.
यह है मामला आसींद थाना क्षेत्र के बराना गांव में स्थित प्राचीन खाकुल देव मंदिर में पूजा कर रहे दलित परिवार के पुजारी सहित उनके रिश्तेदारों पर जानलेवा हमला करने के मामला आसींद थाने में मामला दर्ज हुआ है. प्रार्थी विष्णु मेघवंशी ने बताया कि बराना गांव में स्थित प्राचीन खाकुल देव जी का मंदिर है यह हमारे परिवार का निजी मंदिर है. कई पीढियां से हमारा परिवार के लोग इस मंदिर में पूजा अर्चना कर रहे हैं. गुरुवार रात्रि को हम मंदिर परिसर में पूजा अर्चना करने के बाद बैठे हुए थे तब गांव के ही 50 से 60 लोगों की भीड़ आई लाठी डंडों से लैस थे. भीड़ ने जबरन मंदिर में घुसकर मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे , मंदिर की रेलिंग एवं मंदिर में लगे सजावटी कांच को तोड़ दिया.
भीड़ मैं शामिल लोगों ने कहा कि हम अभी इस मंदिर में अब दलित पुजारी को पूजा अर्चना नहीं करने देंगे और यहां ट्रस्ट बनाकर हमारे द्वारा पूजा अर्चना की जाएगी. यह कहते हुए जातिसूचक गालियां निकालते हुए जमकर मारपीट की और मुझे एवं मेरे रिश्तेदारों के साथ मारपीट करते हुए मंदिर परिसर के बाहर फेंक दिया. पीड़ित परिवार का आरोप है कि आसींद थाना पुलिस की मौजूदगी में हमारे साथ मारपीट हुई. पीड़ित ने आसींद थाने में रिपोर्ट देकर कार्रवाई करने की मांग की. अब आसींद थाना पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ आसींद थाने में मामला दर्ज किया है. वहीं प्रार्थी ने बताया कि हमारे परिवार के भोपा हरलाल मेघवंशी की कुछ महीने पहले मौत हो चुकी थी. उनकी मृत्यु के बाद मैं और मेरे पिता श्रवण मेघवंशी सहित परिवार के सदस्य इस मंदिर की पूजा अर्चना कर रहे हैं. गांव के लोग हमारे को नीचे जाति का बोलकर पूजा अर्चना करने से रोक रहे हैं. आरोपी मेरी पत्नी और परिवार की महिलाओं की लज्जा भंग की एवं मेरे पिताजी श्रवण मेघवंशी के गले में सोने का नावा और पत्नी का मंगलसूत्र सहित सोने के जेवर लूट लिए आधी रात्रि को जबरन मंदिर में प्रवेश करते हुए मंदिर में तोड़फोड़ की.
प्रार्थी की दी रिपोर्ट पर आसींद थाना पुलिस ने बराणा निवासी संपत पिता श्रवण जाट, मिश्रीलाल पिता उदय राम जाट, बन्ना लाल पिता हरदेव जाट, डालू पिता कल्याण जाट, शंकर पिता बन्ना लाल जाट, गज्जू पिता गोपी जाट, पोखर पिता जमनालाल जाट, सांवर पिता हरदेव जाट के खिलाफ मारपीट मारपीट सहित अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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