उपचुनाव : राजस्थान में रिकॉर्ड मतदान, अजमेर में 65 फीसदी से अधिक वोटिंग

राजस्थान में दो लोकसभा सीट अलवर और अजमेर तथा मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया. तीनों सीटों पर रिकॉर्ड मतदान हुआ. 

उपचुनाव : राजस्थान में रिकॉर्ड मतदान, अजमेर में 65 फीसदी से अधिक वोटिंग
राजस्थान में हुए उपचुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुआ

जयपुर : राजस्थान में दो लोकसभा सीट अलवर और अजमेर तथा मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया. तीनों सीटों पर रिकॉर्ड मतदान हुआ. अजमेर में 65.33 फीसदी लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया. अलवर में 62.08 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है. मांडलगढ़ में भी रिकॉर्ड 78.74 प्रतिशत वोट पड़े. रिकॉर्ड मतदान से राजनीतिक दलों में उत्साह देखा जा रहा है.

बता दें कि अलवर, अजमेर के सांसद तथा मांडलगढ़ के विधायक की मृत्यु हो जाने के बाद सोमवार को यहां पुन: मतदान कराया गया. यह चुनाव राजस्थान में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों का एक ट्रेलर के तौर पर देखा जा रहा है. सत्तारूढ़ बीजेपी तथा सत्ता में आने की राह देख रही कांग्रेस ने उपचुनावों में मतदाताओं को रूझाने के लिए दिनरात एक कर दिए थे.

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कांग्रेस-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर
अलवर लोकसभा सीट से डॉ. करण सिंह यादव (कांग्रेस), डॉ. जसवंत यादव (बीजेपी), अजमेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के डॉ. रधु शर्मा और रामस्वरूप (बीजेपी) के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला. मांडलगढ विधानसभा सीट पर भी बीजेपी-कांग्रेस में सीधी लड़ाई देखने को मिली. यहां से बीजेपी के शक्ति सिंह और कांग्रेस के विवेक धाकड मैदान में हैं. अलवर में 11, अजमेर में 23 और मांडलगढ़ में 8 उम्मीदवार मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं. उपचुनाव में 38 लाख योग्य मतदाता हैं और 41 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है.

क्यों हुए उपचुनाव
गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और अजमेर से भाजपा सांसद प्रो सांवर लाल जाट, अलवर से बीजेपी सांसद चांदनाथ योगी और मांडलगढ से भाजपा विधायक कीर्ति कुमारी का असामयिक निधन होने के कारण तीनों सीटों के लिए उपचुनाव हुए.