भारी बारिश के चलते श्मशान घाट में अंतिम संस्कार को तरस रहे शव, ग्रामीणों में आक्रोश

जिले में लगातार पिछले चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश (Heavy rain in Tonk) से जनजीवन पूरी तरह से चौपट हो गया है. गांव से शहर को जोड़ने वाले की मार्ग पूरी तरह से धराशाही हो गए.

भारी बारिश के चलते श्मशान घाट में अंतिम संस्कार को तरस रहे शव, ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों द्वारा तिरपाल के सहारे शव को ढ़ककर अंतिम संस्कार किया जा रहा है

Tonk: जिले में लगातार पिछले चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश (Heavy rain in Tonk) से जनजीवन पूरी तरह से चौपट हो गया है. गांव से शहर को जोड़ने वाले की मार्ग पूरी तरह से धराशाही हो गए. हालात यह है कि लगातार बारिश से मृतकों का अंतिम संस्कार (funeral rites ) भी ठीक से नहीं हो पा रहा है.

बीते सोमवार को मालपुरा उपखंड के ग्राम पंचायत धोली के भीपुर (गणेशपुरा) ,बैरवा की ढाणी में मृतक नोरती देवी पत्नी हरिशंकर बैरवा का निधन हो गया. ग्रामीणों के द्वारा मृतका को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पर ले जाया गया, जहां पर भारी बारिश के बीच में मृतका का अंतिम संस्कार करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

भारी बारिश में शव का हो रहा अंतिम संस्कार
श्मशान घाट (graveyard) पर अंतिम संस्कार के लिए न तो शव के रख-रखाव की व्यवस्था है और न ही अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों के लिए कोई व्यवस्था हैं. आश्चर्य की बात तो यह है कि शव को जलाने की जगह पर टिन शेड तक नहीं है. आलम यह है कि भारी बारिश के बीच तिरपाल के द्वारा शव को ढ़ककर अंतिम संस्कार किया जा रहा है.

ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों एवं पंचायत से नाराज
ग्रामीणों के द्वारा बारिश के रुकने का इंतजार किया गया, लेकिन बारिश नहीं रुकी तो लोग भीगते हुए शव का अंतिम संस्कार किया. ग्रामीणों ने श्मशान घाट पर टिन शेड नहीं लगे होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों एवं पंचायत प्रशासन पर गहरा रोष व्याप्त किया है.

क्या कहना है ग्रामीणों का
ग्रामीणों का कहना है कि मनुष्य के अंतिम संस्कार करने को पवित्र जगह मानी जाने वाली श्मशान भूमि पर पंचायत प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा बरसाती मौसम को देखते हुए कम से कम श्मशान भूमि पर मिट्टी की भराई, पानी की निकासी, बरसात से बचने के लिए टीन शेड की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, जिसके चलते हमें शर्मिंदगी महसूस नहीं करनी पड़े.