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Ajmer News: धार्मिक नगरी पुष्कर के खरेखड़ी रोड स्थित श्री साईं धाम में रविवार 18 जनवरी को भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ. इस अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे दोपहर को श्री साईं धाम मंदिर प्रांगण में पहुंचे और साईं बाबा मंदिर के साथ परिसर में निर्मित विभिन्न मंदिरों का विधिवत लोकार्पण किया. कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का अनूठा संगम देखने को मिला.
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने संबोधन में कहा कि श्री साईं धाम केवल पूजा का स्थल नहीं, बल्कि सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक प्रेरणा का केंद्र बन रहा है. उन्होंने कहा कि विकास रुणवाल द्वारा पुष्कर के समीप इस धार्मिक परिसर का निर्माण कर राजस्थानवासियों को शिरडी साईं बाबा के दर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल है. साथ ही उन्होंने यहां लगाए गए सैकड़ों पेड़ों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाली से ही राजस्थान की गर्मी कम होगी और वर्षा का चक्र भी बेहतर होगा.
राज्यपाल ने कहा कि यदि राजस्थान की धरती पर इस प्रकार के धार्मिक, पर्यटन और सेवा से जुड़े प्रकल्प विकसित होंगे तो न केवल आस्था बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, काश्तकारों और व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा. उन्होंने कामना की कि श्री साईं धाम आने वाले समय में पुष्कर के साथ-साथ एक प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो.
श्री साईं धाम के विकास रुणवाल ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में इस परिसर में कुल 63 मंदिरों का निर्माण किया गया है. इनमें शिरडी साईं बाबा का मुख्य मंदिर, दत्तगुरु मंदिर, हनुमान मंदिर, गणपति मंदिर, विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर, शनि शिंगणापुर परंपरा से जुड़े मंदिर सहित अनेक देवी-देवताओं के मंदिर शामिल हैं. इसके साथ ही नवग्रह, राशि और नक्षत्र वाटिका, पंचवटी गार्डन और 24 तीर्थंकर गार्डन भी विकसित किए गए हैं.
विकास रुणवाल ने बताया कि राज्यपाल के करकमलों से सूर्य द्वार का उद्घाटन किया गया. वहीं गुरु द्वार, शुक्र द्वार और शनि द्वार का उद्घाटन अन्य अतिथियों द्वारा किया गया. आज से साईं बाबा मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण रूप से खोल दिया गया है.
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की संस्कृति और परंपराओं को राजस्थान में स्थापित करने का यह प्रयास राज्यपाल को विशेष रूप से प्रिय लगा, क्योंकि उनका स्वयं का जुड़ाव भी महाराष्ट्र से रहा है. इस अवसर पर अजमेर सांसद एवं केंद्रीय विधायक भागीरथ चौधरी ने कहा कि पुष्कर विश्व का एकमात्र ब्रह्मा मंदिर होने के कारण पहले से ही तीर्थों का गुरु है. ऐसे में साईं बाबा मंदिर और अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों का निर्माण पुष्कर की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाएगा.
उन्होंने कहा कि नाग पहाड़ की तलहटी में बने इस वन क्षेत्र जैसे शांत वातावरण में श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति की अनुभूति होती है. कार्यक्रम के दौरान गुरुपूर्णिमा, दशहरा, दत्त जयंती, रामनवमी जैसे पर्वों पर सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक पूजा-प्रसाद की व्यवस्था की जानकारी भी दी गई.
इस दौरान निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष कमल पाठक, निवर्तमान उपाध्यक्ष शिवस्वरूप महर्षि, वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण वैष्णव, वेद प्रकाश पाराशर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में यह आयोजन संपन्न हुआ.
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