राम नाम की महिमा! मासूम अश्विका ने 92 सेकेंड में तोड़ी विश्व रिकॉर्ड की दीवार

Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा में साढ़े तीन साल की अश्विका माहेश्वरी ने मात्र 1 मिनट 32 सेकेंड में पूरी राम स्तुति सुनाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया. परिवार के धार्मिक माहौल और गुरु नवीन राव की शिक्षा से निखरी प्रतिभा ने इस उम्र में असंभव को संभव कर दिखाया.

राम नाम की महिमा! मासूम अश्विका ने 92 सेकेंड में तोड़ी विश्व रिकॉर्ड की दीवार
Image Credit: international book of records ashvika bhilwara

Bhilwara News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से बेहद ही शानदार और गर्व से भरी एक खबर सामने आई है. कहते हैं कि अगर मां बाप की अच्छी परवरिश और गुरु का साथ मिल जाए तो दुनिया में कुछ भी नामुमकिन नहीं है. ऐसा ही कीर्तिमान बनाया है साढ़े तीन साल की अश्विका माहेश्वरी ने. महज साढ़े तीन साल की अश्विका के नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज हुआ है. क्योंकि जिस उम्र के बच्चे क ख ग बोलने में सोचते हैं, उस उम्र में अश्विका पूरी राम स्तुति सुना देती है. वो भी सिर्फ एक मिनट 32 सैकेंड में.

परिवार और गुरु की है मेहनत
यह रिकॉर्ड उसके नाम पर है, लेकिन इस कीर्तिमान के लिए जो मेहनत है वो उसके परिवार वालों और गुरु नवीन राव की है. अश्विका के पापा अखिल सोडानी कहते हैं कि बेटी शुरुआत से ही होशियार है. चीजों को याद करने की क्षमता जबरदस्त है. हम भी पहले हैरान हो जाते थे, जब उसको वो सब बातें भी याद रह जाती थी, जो कई दिन पहले बोली गई हो. मां आंचल माहेश्वरी बताती है कि परिवार में आस्था का माहौल है. भगवान के मंत्र, स्तुतियां आदि रोजाना के पूजा पाठ का हिस्सा है.

Add Zee News as a Preferred Source

तीन साल की उम्र में रुक-रुक कर बोलती थी स्तुति
करीब तीन साल की उम्र में अश्विका रुक-रुक कर राम स्तुति बोल लिया करती थी. इसकी प्रतिभा को और निखारने के लिए गुरु की जरूरत थी. नवीन राव के रूप में हमें ऐसे गुरु मिले जो बच्ची को समझते भी थे और इसकी प्रतिभा को निखारने की कला भी जानते थे. बस यहीं से इसकी संगीत में तालीम शुरू हो गई. परिवार में धार्मिक माहौल और गुरु जी की शिक्षा का ऐसा असर हुआ कि अश्विका ने रिकॉर्ड बना लिया. इसकी संगीत की तालीम शुरू हुई थी, जब यह पता नहीं था कि ये कीर्तिमान बना सकती है. लेकिन गुरु नवीन राव ने हमें भरोसा दिलाया.

परिवार के अन्य सदस्यों का भी अहम योगदान
बड़े पापा निखिल सोडानी ने बताया कि कि अश्विका कम उम्र से ही अपनी दादी ललिता सोडानी और बड़ी मां पिंकी माहेश्वरी के साथ साथ मंत्रों का उच्चारण करती रही है. अपनी नानी सत्यबाला मूंदड़ा के सहयोग से कई मंत्रों को कंठस्थ कर लिया. इस उपलब्धि का क्रेडिट अश्विका की माता आंचल माहेश्वरी को जाता है क्योंकि उनका धार्मिक आचरण और धार्मिक प्रवृति के कारण बचपन से अश्विका को धर्म और भजन कीर्तन में बहुत रुचि रही है.

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Bhilwara News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author