छात्रों की जिंदगी दांव पर! 400 साल पुराने किले की दीवार ढही, लापरवाह अधिकारी बेखबर

Tonk News: राजस्थान के टोंक जिले में शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर हुई है. लांबाहरिसिंह गांव के 400 साल पुराने किले में संचालित विद्यालय के चार कमरे दीवार गिरने से धराशायी. गनीमत रही हादसे में जनहानि नहीं हुई.

छात्रों की जिंदगी दांव पर! 400 साल पुराने किले की दीवार ढही, लापरवाह अधिकारी बेखबर
Image Credit: Tonk NewsSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Rajasthan News: टोंक जिले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही लगातार जारी है. एक के बाद एक सरकारी स्कूलों के भवन और उनकी छतें धराशायी हो रही है, लेकिन अब तक लापरवाह अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. आज भी मालपुरा के लांबाहरिसिंह गांव के करीब 400 साल पुराने ऐतिहासिक किले में संचालित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के चार कमरे किले की सुरक्षा दीवार गिरने से धराशायी हो गए. हालांकि गनीमत रही कि हादसा बिते दिन देर रात को हुआ, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई.

आपको बता दें कि बीती देर रात अचानक 400 वर्ष पुराने ऐतिहासिक किले की दीवार गिरने से सीनियर विद्यालय में बने चार कमरे धराशायी हो गए. वहीं चार अन्य कक्षा कक्ष भी धराशाई होने के कगार पर है. आज सुबह विद्यालय पहुंचे प्रधानाचार्य किशनलाल व स्टाफ को घटना का पता लगने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ विद्यालय में जमा हो गई सूचना पर उपखंड अधिकारी अमित कुमार चौधरी पुलिस उपाधीक्षक आशीष प्रजापत तहसीलदार पवन भी घटनास्थल पर पहुंचे तथा घटना स्थल का जायजा लिया. मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नाथूलाल ने घटनास्थल पर पहुंचे तथा समग्र शिक्षा टोंक के रामगोपाल भी घटनास्थल पर पहुंचे. विद्यालय में कमरे गिरने के बाद विद्यार्थियों को एहतियात के तौर पर पास के बालिका विद्यालय में अध्ययन के लिए बालिका विद्यालय को दो पारी में संचालित करने का निर्णय लिया गया.

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आपको बता दें कि इससे पहले उनियारा के ककोड़ में सरकारी स्कूल के करने की छत उस समय धमाके के साथ गिरी थी जब छात्राएं पास में बैठकर टेस्ट पेपर दे रही थी, लेकिन शिक्षा विभाग के लापरवाह अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. झालावाड़ हादसे के बाद राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जहां भी भवन जीर्ण शीर्ण हालत में है वहाँ से बच्चों को शिफ्ट कर दे. इसके बाद सर्वे भी करवाया गया. इस सर्वे में टोंक जिले में करीब 130 सरकारी स्कूलों के भवन तो चिन्हित किया गया. स्कूल के प्रधानाध्यापकों ने रिपोर्ट भी शाला दर्पण पर अपडेट कर दी, लेकिन मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने अब तक उस रिपोर्ट पर गंभीरता से काम नहीं किया.

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Pratiksha Maurya

Pratiksha Maurya

मैं प्रतीक्षा मौर्या जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज पर पकड़ रखती हूं . मुझे डिजिटल मीडिया का 2 साल से ज्यादा का अनुभव है. इससे पहले मैं जी बिहार में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं.
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