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Rajasthan BSTC Result 2026 Declared: राजस्थान बीएसटीसी प्री डीएलएड 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर काउंसलिंग प्रक्रिया पर है. डीएलएड कॉलेजों में प्रवेश सीधे रिजल्ट के आधार पर नहीं होगा, बल्कि इसके लिए काउंसलिंग में हिस्सा लेना अनिवार्य रहेगा. काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के कॉलेज चुनने होंगे और फिर मेरिट, रैंक तथा भरे गए विकल्पों के आधार पर सीटों का आवंटन किया जाएगा.
काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
रिजल्ट जारी होने के बाद सबसे पहला कदम काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन होगा. सभी पात्र अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट predeledraj2026.com पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बिना किसी भी अभ्यर्थी को कॉलेज आवंटन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा. काउंसलिंग के लिए विभाग की ओर से जल्द ही विस्तृत शेड्यूल जारी किया जाएगा. इसमें रजिस्ट्रेशन की तारीख, चॉइस फिलिंग, सीट अलॉटमेंट, रिपोर्टिंग और अन्य चरणों की जानकारी दी जाएगी.
ऑनलाइन जमा करनी होगी काउंसलिंग फीस
रजिस्ट्रेशन के दौरान अभ्यर्थियों को निर्धारित शुल्क भी ऑनलाइन माध्यम से जमा करना होगा. फीस जमा होने के बाद ही उम्मीदवार संस्थानों की सूची में से अपनी पसंद के कॉलेजों का चयन कर सकेंगे. कॉलेज चुनते समय अभ्यर्थियों को सोच-समझकर विकल्प भरने की सलाह दी जाती है, क्योंकि सीट आवंटन काफी हद तक इन्हीं विकल्पों पर निर्भर करता है.
मेरिट और चॉइस के आधार पर मिलेगा कॉलेज
बीएसटीसी काउंसलिंग में सीट आवंटन अभ्यर्थी की मेरिट, रैंक और उसके द्वारा भरे गए कॉलेज विकल्पों के आधार पर किया जाएगा. विभाग पहले चरण की सीट अलॉटमेंट सूची जारी करेगा, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को आवंटित संस्थान की जानकारी मिलेगी. इसके बाद उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर शुल्क जमा कर संबंधित शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान में रिपोर्ट करना होगा.
पहले चरण में क्या करना होगा?
पहले चरण में सीट मिलने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी. इसके बाद उन्हें आवंटित कॉलेज में जाकर अपने सभी दस्तावेजों का सत्यापन करवाना होगा. संस्थान की ओर से दस्तावेजों की जांच और ऑनलाइन प्रमाणन प्रक्रिया पूरी की जाएगी. सत्यापन पूरा होने के बाद अभ्यर्थी अपने लॉगिन के माध्यम से प्रोविजनल एडमिशन स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे.
अपवर्ड मूवमेंट का भी मिलेगा मौका
यदि किसी अभ्यर्थी को आवंटित कॉलेज पसंद नहीं आता है और वह बेहतर विकल्प चाहता है, तो उसे अपवर्ड मूवमेंट का अवसर भी मिलेगा. इसके लिए अलग से आवेदन करना होगा. अपवर्ड मूवमेंट के बाद नया परिणाम जारी किया जाएगा. यदि किसी अभ्यर्थी को बेहतर कॉलेज आवंटित होता है तो वह वहां प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेगा.
दूसरे और तीसरे चरण में भी होगा सीट आवंटन
पहले चरण के बाद विभाग द्वितीय चरण की सीट अलॉटमेंट सूची जारी करेगा. इसमें चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित संस्थान में रिपोर्टिंग करनी होगी और दस्तावेजों का सत्यापन करवाना होगा. इसके बाद तृतीय चरण की सूची भी जारी की जाएगी. इस चरण में भी कॉलेज रिपोर्टिंग, दस्तावेज सत्यापन और ऑनलाइन प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. संस्थान अभ्यर्थी के दस्तावेजों की जांच कर अधिकृत पोर्टल पर प्रवेश की पुष्टि करेंगे.
फीस रिफंड की भी रहेगी व्यवस्था
यदि किसी कारणवश अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेता है या नियमानुसार फीस वापसी का पात्र होता है, तो उसे फीस रिफंड की सुविधा भी मिलेगी. विभाग के अनुसार दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के लगभग 45 कार्य दिवस के भीतर शुल्क वापसी की कार्रवाई की जाएगी.
काउंसलिंग के समय कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे?
काउंसलिंग और प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों को अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी के साथ सभी जरूरी दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां जमा करनी होंगी.
सामान्य दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन पत्र का प्रिंटआउट
10वीं की अंकतालिका और प्रमाण पत्र
12वीं की अंकतालिका और प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक की कॉपी
जो विद्यार्थी वर्ष 2026 में 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए हैं, उन्हें प्रवेश के समय निर्धारित न्यूनतम अंकों के साथ उत्तीर्ण होने का प्रमाण देना होगा.
मूल निवास और आरक्षण प्रमाण पत्र
आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को राजस्थान का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा. यह प्रमाण पत्र जिला कलेक्टर, एसडीएम या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए. इसके अलावा एससी, एसटी, ओबीसी, एमबीसी, ईडब्ल्यूएस, टाडा, सहरिया आदि श्रेणियों के अभ्यर्थियों को संबंधित जाति या आरक्षण प्रमाण पत्र भी देना होगा. ओबीसी और एमबीसी वर्ग के लिए प्रमाण पत्र की वैधता सामान्यतः एक वर्ष होती है, लेकिन नॉन-क्रीमीलेयर शपथ पत्र देने पर इसे अधिकतम तीन वर्ष तक मान्य माना जा सकता है.
विशेष श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए जरूरी दस्तावेज
विधवा महिला अभ्यर्थी
पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
पुनर्विवाह नहीं करने का नोटरी शपथ पत्र
तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला
सक्षम न्यायालय की डिक्री
पुनर्विवाह नहीं करने का नोटरी शपथ पत्र.
दिव्यांग अभ्यर्थी
मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र.
भूतपूर्व सैनिक और रक्षा आश्रित
सेना, नौसेना या वायुसेना से संबंधित सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र. यदि यह प्रमाण पत्र काउंसलिंग के समय प्रस्तुत नहीं किया गया तो संबंधित आरक्षण श्रेणी का लाभ नहीं मिल सकेगा.
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
बीएसटीसी रिजल्ट के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण चरण काउंसलिंग है. ऐसे में सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर रजिस्ट्रेशन करें, सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें और विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले शेड्यूल पर लगातार नजर बनाए रखें. छोटी सी लापरवाही भी कॉलेज आवंटन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है. इसलिए हर चरण को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना बेहद जरूरी होगा.