राजस्थान: तीज-त्यौहारों पर पड़ा Lockdown का असर, घरों में मनेंगे सभी उत्सव

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए आगामी एक पखवाड़े के पर्व और उत्सव भी मंदिरों के बजाय घरों में ही मनेंगे.

राजस्थान: तीज-त्यौहारों पर पड़ा Lockdown का असर, घरों में मनेंगे सभी उत्सव
पूरे राजस्थान में भीड़ जमा नहीं करने के निर्देश हैं.

दीपक गोयल/जयपुर: कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को रोकने के लिए हुए लॉकडाउन (Lockdown) ने लोगों को घरों में लॉक करने के साथ तीज- त्यौहारों को भी घर में सिमटा दिया है. कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए आगामी एक पखवाड़े के पर्व और उत्सव भी मंदिरों के बजाय घरों में ही मनेंगे.

बड़े मंदिरों के पट भी श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं. हालांकि, छोटे मंदिर कुछ देर के लिए खुल तो रहे हैं मगर उनमें धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध है. इसमें भीड़ जमा नहीं करने के निर्देश हैं. छोटीकाशी के सभी धर्माचार्यों ने जनता से आह्वान किया है कि इस बार दुर्गाष्टमी, रामनवमी, हनुमान जयंती पर घर पर ही धार्मिक आयोजन करें.

शाम को दीपदान करें 
सोशल मीडिया (Social Media) पर बधाइयां लें और दें. वहीं, गलतातीर्थ के महंत स्वामी अवधेशाचार्य, गोविंददेवजी मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी, पं.पुरुषोत्तम भारती, चिंताहरण काले हनुमान जी मंदिर के महंत मनोहदास ने संयुक्त रूप से कहा कि सबसे पहली प्राथमिकता घर पर रहने की है ताकि हम सब मिलकर कोरोना को हरा सकें. स्वामी अवधेशाचार्य ने कहा कि रामनवमी पर घर पर ही रामलला का पूजन करें. शाम को देशी घी के दीपक जलाएं. महंत मनोहरदार दास ने कहा कि हनुमान जयंती पर घर के सभी सदस्य उचित दूरी बनाकर हनुमान चालीसा के 5, 11 या 21 बार पाठ करें.

बता दें कि, रामनवमी 2 अप्रैल को है. शोभायात्रा की व्यवस्था देखने वाले प्रवीण ने कहा कि देश के लॉकडाउन का पालन करना सब की जिम्मेदारी है. इसलिए इस बार शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी. परंपरा अनुसार पूजन होगा. गौरतलब है कि सूरजपोल अनाज मंडी से रामनवमी पर शोभायात्रा करीब चालीस साल से निकल रही है. चांदपोल स्थित राम मंदिर में नौ दिनों तक पंरपरानुसार पूजन होगा.

वहीं, छोटीकाशी के अन्य राम मंदिरों में भी संक्षिप्त आयोजन होंगे. ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़ ने कहा कि रामनवमी पर इस साल पुष्य नक्षत्र का संयोग बनेगा. इस बार वहीं योग रहेंगे, जो भगवान राम के जन्म के समय थे. बीते दस साल में तीसरी बार यह संयोग बनेगा. इस दिन हर घर में 11 दीपक मुख्य द्धार पर प्रज्जवलित करें. कोरोना से बचाव के लिए सभी सुरक्षात्मक पहलुओं का ध्यान रखें.

हनुमान जयंती
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की जयंती के बाद उनके भक्त हनुमानजी की जयंती 8 अप्रैल को है. जौहरी बाजार, अंबाबाड़ी हनुमान मंदिर, काले हनुमान जी, खोले के हनुमान जी, घाट के बालाजी सहित अन्य प्राचीन मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना होगी.

सामूहिक हवन-कन्या भोज भी नहीं
इन दिनों नवरात्र चल रहे हैं. इस बार दर्शन के लिए मंदिरों के पट तक नहीं खुल रहे हैं. लोग घर में ही पूजन और उपवास कर रहे हैं. 1 अप्रैल को महाअष्टमी है. इसी दिन मंदिरों में हवन होते हैं. इसके बाद कन्या भोज का सिलसिला भी शुरू हो जाता है. इस बार सामूहिक कन्या भोज नहीं होंगे. घर पर ही कन्याओं को आमंत्रित करके भोज कराकर परंपरा निभानी होगी. इसमें भी जरूरी सावधानी रखनी होगी.

महावीर जयंती
जैन धर्मालंबी इस बार छह अप्रेल को महावीर जयंती घर पर ही मनाएंगे. कहीं भी सामूहिक आयोजन नहीं होंगे.