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राजस्थान में सभी सर्वेक्षण होंगे विफल, बनेगी BJP की सरकार: प्रकाश जावड़ेकर

चुनाव प्रभावी जावेड़कर ने कहा कि कल्याणकारी परियोजनाओं के लाभार्थी चुनाव में भाजपा के संदेशवाहक हैं और पार्टी की तरफ गरीबों के झुकाव में निर्णायक बदलाव दिखाई दे रहा है

राजस्थान में सभी सर्वेक्षण होंगे विफल, बनेगी BJP की सरकार: प्रकाश जावड़ेकर
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा 20 साल की परंपरा इस बार टूट जाएगी

जयपुर: केंद्रीय मानव संसाधन और विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राजस्थान में सरकार के जनकल्याणकारी कदमों के बारे में बताने में संवादहीनता थी, जिससे अब लोग वाकिफ हो गए हैं. प्रदेश में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार द्वारा सत्ता विरोधी कारकों (एंटी इन्कंबेंसी फैक्टर) का सामना किए जाने की रिपोर्ट को जावड़ेकर ने सिरे से खारिज किया. हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि प्रदेश में लिंचिंग की घटनाएं दुखद थीं, लेकिन राजे सरकार ने उन मामलों में त्वरित कार्रवाई की. 

प्रकाश जावड़ेकर ने मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में कहा, 'मसला कुछ हद तक संवादहीनता का था और हमने पार्टी के मंच पर प्रभावकारी ढंग से संवाद शुरू की. नवंबर महीने में दो, तीन और चार तारीख, ये तीन दिन काफी महत्वपूर्ण थे जब हमारे लाखों कार्यकर्ता दो करोड़ से अधिक परिवारों के पास गए और उन्होंने देखा कि लोग सरकार की परियोजनाओं से काफी खुश थे क्योंकि कई योजनाओं का लाभ आम लोगों को मिला है. उन्होंने लाभ के बारे में बताया क्योंकि लोग कृतज्ञ हैं न कि अकृतज्ञ'.

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव प्रभावी जावेड़कर ने कहा कि कल्याणकारी परियोजनाओं के लाभार्थी चुनाव में भाजपा के संदेशवाहक हैं और पार्टी की तरफ गरीबों के झुकाव में निर्णायक बदलाव दिखाई दे रहा है, क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने जैसे पाते हैं. उन्होंने बताया कि भाजपा विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है और वसुंधरा राजे सरकार ने अपने 95 फीसदी वादे पूरे किए हैं. जावड़ेकर ने कहा कि प्रदेश में हर पांच साल पर कांग्रेस और भाजपा के बारी-बारी से सत्ता में आने की 20 साल की परंपरा इस बार टूट जाएगी.

जावड़ेकर कर्नाटक में चुनाव प्रभारी थे जहां भाजपा इस साल विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. उनसे जब पूछा गया कि प्रदेश प्रभारी का दायित्व मिलने पर उन्होंने क्या-क्या कमियां पाईं तो उन्होंने इसपर कोई जवाब नहीं दिया और इस बात से भी इनकार किया कि भाजपा के लिए यह मुश्किल चुनाव है. 

उनसे जब पूछा गया कि क्या भाजपा को प्रदेश में एंटी इन्कंबेंसी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि पार्टी ने 43 विधायकों को टिकट नहीं दिया है, तो उन्होंने कहा कि भाजपा प्रो इन्कंबेंसी का सामना कर रही है. वहीं भाजपा नेता ने चुनाव सर्वेक्षण की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें प्रदेश की चुनावी जंग में कांग्रेस को भाजपा से आगे बताया गया है. 

उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश में भी सर्वेक्षण में बताया गया था कि भाजपा 150 सीटों पर जीत दर्ज करेगी और किसी ने पूर्ण जीत की संभावना नहीं जताई थी. हमें 325 सीटों पर जीत हासिल हुई. ऐसा ही यहां होगा और सर्वेक्षण विफल हो जाएगा'. उधर, कांग्रेस कहती है कि मोदी की रैली का बहुत कम प्रभाव है क्योंकि राजे सरकार के खिलाफ गहरा असंतोष है. इसपर जावड़ेकर ने कहा, 'विपक्ष के लिए यह अंगूर खट्टे हैं की कहानी जैसी बात है'.

उन्होंने कहा, 'मोदी सबसे प्रभावकारी वक्ता हैं और लोग उनसे जुड़े हुए हैं'. कांग्रेस का यह भी आरोप है कि राजे सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए. जावड़ेकर ने कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, '20 प्रमुख विषयों के तहत किए गए 611 वादों में से हमने 95 फीसदी पूरे किए हैं. हम कांग्रेस या किसी अन्य को चुनौती देते हैं कि वह यह साबित करे कि हमने काम नहीं किया है, क्योंकि हमारे पास रिकॉर्ड है. लाभार्थी हमारे अंबेसडर हैं. वे हमारे संदेशवाहक हैं. वे संदेश प्रसारित कर रहे हैं ताकि भाजपा दोबारा सत्ता में आए'.

बता दें कि शुक्रवार को राज्य की 200 विधानसभा सीटों में से 199 पर मतदान हुआ. बसपा के उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह के निधन की वजह से अलवर जिले के रामगढ़ निर्वाचन क्षेत्र में मतदान स्थगित कर दिया गया था. मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच रहा. लगभग 4.74 करोड़ लोग 2,274 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला किया. इन 2,274 उम्मीदवारों में से 189 महिलाएं हैं. चुनाव का परिणामों के लिए 11 दिसंबर को मतगणना की जाएगी. 

(इनपुट-आईएएनएस)