प्रवासी श्रमिकों के साथ इन 37 श्रेणियों को मिलेगा खाद्य सुरक्षा का लाभ, उठाइये लाभ

कोविड-19 महामारी के कारण अस्थाई रूप से बंद हुए उद्योग धंधों तथा उसमें कार्यरत कार्मिकों के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा खाद्य (गेहूं) का वितरण किया जाएगा. 

प्रवासी श्रमिकों के साथ इन 37 श्रेणियों को मिलेगा खाद्य सुरक्षा का लाभ, उठाइये लाभ
प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमांशु मित्तल, कोटा: कोरोना (Coronavirus) महामारी के कारण अस्थाई रूप से बंद हुए उद्योग धंधों तथा उसमें कार्यरत कार्मिकों के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा खाद्य (गेहूं) का वितरण किया जाएगा. प्रवासी श्रमिकों तथा अन्य विशेष श्रेणियां जो खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल नहीं है उनके लिए सर्वे कार्य जारी है जो 31 मई तक चलेगा. इसके लिए ईमित्र पोर्टल पर या मोबाइल ऐप पर फॉर्म में अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी.

जिला कलेक्टर ओम कसेरा ने बताया कि यह सुविधा दो तरह के व्यक्तियों के लिए होगी. इस सुविधा में ऐसे व्यक्ति जो राजस्थान के निवासी है और राजस्थान में निवास कर रहे है तथा उनके पास जन आधार कार्ड है एवं परिवार एनएफएसए में चयनित नहीं है. दूसरे ऐसे व्यक्ति जो राजस्थान के निवासी नहीं है और राजस्थान में निवास कर रहे हैं. जिनके पास जनआधार कार्ड नहीं हैं और वह परिवार एनएफएसए में चयनित नहीं है को मिलेगी. उन्होंने बताया कि जिन व्यक्तियों को 2500 रुपए का लाभ मिल चुका है वह इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे.

ई-मित्र पर कर सकेंगे आवेदन
जिला कलेक्टर ने बताया कि ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से योजना के पात्र नागरिक आवश्यक दस्तावेजों को लेकर 31 मई तक आवेदन कर सकते है. उन्होंने बताया कि अपने क्षेत्र के बीएलओ को सूचना देकर भी योजना का लाभ लिया जा सकेगा. उन्होंने बताया कि प्राप्त सर्वे के आधार पर पात्रता का सत्यापन करवा कर लाभान्वित किया जायेगा. 

यह होंगे पात्र
कोविड-19 की परिस्थिति के कारण अस्थाई रूप में बंद हुए उद्योग धंधो एवं उसमें कार्यरत कार्मिकों की श्रेणियों में हेयर सलून में कार्य करने वाले कार्मिक, कपड़े धुलाई एवं प्रेस करने वाले कार्मिक, फूटवेयर मरम्मत, पालिश करने वाले कार्मिक, घरों में साफ सफाई, खाना बनाने वाले कार्मिक, ऐसे व्यक्ति जो चौराहे पर सामान बेचते है तथा अपना भोजन किसी स्थान पर पकाकर खाते हैं, रिक्शा, ऑटो चलाने वाले व्यक्ति, पान की दुकान चलाने वाले व्यक्ति, रेस्टोरेंट, होटल में वेटर, रसोईया, रद्दी बीनने वाल व्यक्ति, भवन निमार्ण कार्याे में नियोजित निर्माण श्रमिक, कोरोना के कारण बंद हुए उद्योगो में लगे हुए श्रमिक, प्राइवेट पब्लिक ट्रांसपोर्ट में कार्यरत ड्राईवर, कंडक्टर, ठेला, रेहड़ी वाले, स्ट्रीट वेंडर जो राष्ट्रीय खाद्य सुक्षा में शामिल न हो, धार्मिक संस्थाओं में पूजा, इबादत कर्म कांड एवं धार्मिक कार्य कराने वाले व्यक्ति, ऐसे धार्मिक व्यक्ति जो विवाह, निकाह एवं अन्य धार्मिक कार्य सम्पन्न कराते है, मैरिज पैलेस, केटरिंग में कार्य करने वाले कार्मिक, सिनेमा हॉल में काम करने वाले, कोचिंग संस्थानों के सफाई, सहायक का कार्य करने वाले कार्मिक, विवाह समारोह आदि में बैंड, ढोल बजाने वाले कार्मिक, घोड़ी वाले, गाने बजाने वाले, नगिनों, आभूषण, चूडियों के काम में लगे श्रर्मिक, फर्नीचर के काम में लगे श्रमिक, बुक बाईडर, प्रिंटिंग प्रेस कार्य में लगे श्रमिक, सभी प्रकार की रंगाई, पुताई (डाइंग, कलरिंग आदि) के काम में लगे श्रमिक, पर्यटन गाइड का काम करने वाल, कठपुतली का खेल दिखाने वाले एवं बनाने वाले व्यक्ति ईट भट्टों में श्रमिक, फूल-मालाओं का काम करने वाले श्रमिक, टायर पंचर बनाने वाले श्रमिक,पत्त्ल-दोने बनाने के काम में लगे श्रमिक, घुमंतू, अर्ध घुमंत व्यक्ति, गाडिया-लुहार, झूले वाल, खेल तामाशा दिखाने वाले, जादू करतब दिखाने वाले, लोककलाकार-कालबेलिया, मांगनियार, कुली, हमाल, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले एवं अन्य कार्मिक शामिल है. 

 

ये भी पढ़ें: CM गहलोत ने किया सोनिया गांधी के 'स्पीक अप अभियान' का समर्थन, कही ये बातें