अलवर: शहर से गायब हो रहे बच्चों से लोगों में दहशत, पुलिस हुई चौकन्नी

पिछले एक महीनें के अंदर जिले में बच्चे गायब होने के करीब एक दर्जन मामले सामने आए हैं.

अलवर: शहर से गायब हो रहे बच्चों से लोगों में दहशत, पुलिस हुई चौकन्नी
अलवर पुलिस के सामने बच्चे गायब होने के मामले एक नई चुनौती बन गई है.

प्रमोद कुमार/अलवर: प्रदेश के अलवर में अचानक बच्चे गायब होने के मामले सामने आ रहे हैं. पिछले एक महीनें के अंदर जिले में बच्चे गायब होने के करीब एक दर्जन मामले सामने आए हैं. वहीं अकेले अलवर शहर में बच्चे गायब होने के चार मामले आ चुके हैं. जिनमे से एक बच्चा तो बेशुद्ध अवस्था में पड़ा हुआ मिला. ऐसे में पुलिस के सामने बच्चे गायब होने की घटनाएं चुनौती बन चुकी है.

वहीं जिले में लगातार छोटे बच्चे गायब होने के मामले अब पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है. खबरों की मानें तो 7 अक्टूबर को अलवर के लादिया निवासी उमाकांत का बेटा रविदत्त उम्र 9 साल अचानक गायब हो गया. उमाकांत ने शाम के समय उसे पैसे लेकर पास की दुकान पर भेजा था. उसके बाद वह लौट कर नहीं आया. परिजन से उसको ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल. परिजन रात भर परेशान होते रहे. उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस नें अपनी कार्यवाई शुरू कर दी. लेकिन अचानक ही अगले दिन रविदत्त बेसुध अवस्था में मुंगस्का एरिया में पड़ा हुआ मिला. 

इसी तरह से भूरा सिद्ध मंदिर के पास चेतन एनक्लेव निवासी प्रेम सिंह राठौड़ का पोता आजाद शाम को घर के बाहर साइकिल चला रहा था. उसी समय अचानक वह गायब हो गया. जिसकी 3 दिन बाद पुलिस की मदद से परिजनों को सूचना मिली कि वह जम्मू में है. परिजन जम्मू पहुंच कर बच्चे को लेकर आए.

वहीं अलवर शहर के दिल्ली गेट स्थित मोहल्ले से शाम को एक 12 साल की बच्ची अचानक गायब हो गई. जिसको लेकर पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया. बच्चे की मां और दादी ने बताया कि बच्ची किसी काम से बाहर थी अचानक वह गायब हो गई जिस को लेकर पुलिस में भी मामला दर्ज कराया गया है.

इसी तरह से अन्य जगहों से भी इस तरह के मामले आये है. ऐसे में साफ है इस शहर में कोई ना कोई बच्चे उठाने वाला गैंग सक्रिय हो चुका है. जो बच्चे उठाते हैं और जब पुलिस तक मामला जाता है तो वह डर के कारण कुछ घटनाओं में बच्चों को छोड़ जाते है. हालांकि कई मामलों में बच्चे अभी गायब हैं. ऐसे में अलवर पुलिस के सामने बच्चे गायब होने के मामले एक नई चुनौती बन गई है.

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस की तरफ से लगातार बच्चे गायब होने की घटनाओं की जांच पड़ताल की जा रही है. लेकिन ऐसी स्थितियों में बच्चों के परिजनों को भी थोड़ा सावधान रहने की आवश्यकता है. बच्चों को अकेला नहीं छोड़े वह उनका ध्यान रखें जिससे इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके. अलवर जिला अंतर राज्य सीमा से कई राज्यों से सटा हुआ है. ऐसे में लगातार छोटे बच्चों के गायब होने के मामले के पीछे अगर कहीं कोई बड़ी गैंग तो काम कर रही है तो यह पुलिस के लिए काफी मुश्किलें पैदा कर सकती है.