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अलवर: बंदूक की नोक पर घर से हुआ व्यापारी अपहरण

व्यापारी मुकेश मित्तल के मकान नम्बर 6 में कई अपहरणकर्ता अचानक घुसे और व्यापारी को हथियारों की नोक पर उसी की घर में खड़ी कार से ही अपहरण करके ले गए.

अलवर: बंदूक की नोक पर घर से हुआ व्यापारी अपहरण
घटना के करीब सवा घंटे के बाद मुकेश का फोन देवयानी अस्पताल के बाहर से मिला था.

अलवर: शहर की पॉश कॉलोनी में रविवार रात के समय बदमाश एक युवा व्यापारी का हथियारों की नोक पर अपहरण कर ले गए. खबर के मुताबिक सीईओ साउथ के कार्यालय के सामने व्यापारी मुकेश मित्तल के मकान नम्बर 6 में कई अपहरणकर्ता अचानक घुसे और व्यापारी को हथियारों की नोक पर उसी की घर में खड़ी कार से ही अपहरण करके ले गए. घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है.

घटना के बारे में अपहरण हुए मुकेश मित्तल की पत्नी सरिता ने मीडिया को बताया कि मुकेश मित्तल अपने कमरे में अकेले टीवी देख रहे थे. वह दूसरे कमरे में मेहंदी लगा रही थी. 5 या 6 बदमाश नकाबपोश होकर आए. पहले तो इन्होंने दोनों गार्डों को पकडक़र उन्हें छत पर बाथरूम में बंद कर दिया. इसके बाद अंदर घुसे और मुकेश और उनकी पत्नी के हथियार लगा दिए. फिर बदमाशों ने जबरदस्ती अलमारी खोलने के लिए कहा जिसमें से इन्होंने से साढ़े चार लाख रुपए निकाल लिए.

सरिता के मुताबिक इन लुटेरों ने सभी लोगों के मोबाइल अपने पास रख लिए. घर पर खड़ी सभी कारों की चाबी अपने पास रख ली. इन्होंने मुकेश से गेट तक छोडक़र आने को कहा. जिसके बाद बदमाश मुकेश को लेकर गेट पर गए और उन्हीं की कार से मुकेश को भी बैठाकर ले गए.

अपहरण हुए मुकेश मित्तल की पत्नी सरिता मित्तल ने जी मीडिया को बताया कि बदमाशों को घर के अंदर की लोकेशन की पूरी जानकारी थी. वे अंदर आते ही सीधे मुकेश के कमरे में ही गए थे. साथ ही घर पर जहां जरूरी चाबियां रखी होती हैं, उन्हें भी अपने कब्जे में ले लिया था. उन्हीं चाबियों में स्विफ्ट कार की चाबी थी, जिसमें बैठाकर वे मुकेश को ले गए हैं. उस समय देवर का लड़का कुशाग्र मुम्बई से आया हुआ था. उसने जब यह हलचल देखी तो वह छिप गया. उसने अपहरण की सूचना अपने पिता राजेश मित्तल को उनके फार्म हाउस पर दी.

यहां तक कि बदमाशों ने दिल्ली में रह रहे उनके बेटे का अपहरण करने की धमकी देकर गए हैं. व्यापारी मुकेश के घर में घुसे हथियारबंद अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को धमकाया, उन्होंने घर वालों से कहा कि ज्यादा होशियारी दिखाई तो दिल्ली में उनके बेटे ईशान को भी कब्जे में ले लिया जाएगा. हालांकि बाद में दिल्ली से घर वालों ने ईशान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. ऐसे में पुलिस को गिरोह के अंतरराज्यीय होने का संदेह भी है. अपहर्ताओं के जाने के बाद परिजनों ने दिल्ली में ईशान को फोनकर उसे रिश्तेदारों के यहां किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया.

अपहरण के दौरान घर वालों के फोन भी कब्जे में लिए गए थे. घर के एक युवक ने कमरा अंदर से बंद कर दिया था. उसने बाद में फोन से बाहर घटना की सूचना दी थी. घटना के करीब सवा घंटे के बाद मुकेश का फोन देवयानी अस्पताल के बाहर से मिला था. माना जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने फोन रास्ते में फेंक दिया होगा. पुलिस अधीक्षक रात में ही घर आ गए थे और खोजी कुत्तों के द्वारा जांच की गई.

वहीं घटना को लेकर अलवर सांसद डॉक्टर करण सिंह यादव ने पीड़ित के घर जाकर सहानुभूति जताई और परिजनों को आश्वासन दिया कि जल्द ही अपहरणकर्ताओं से मुकेश को छुड़वाने के प्रयास किए जाएंगे. इसके लिए उन्होंने स्वयं गृहमंत्री को सूचना कर दी है और यह घटना बड़ी ही निंदनीय है. पुलिस अनुसंधान केंद्र एवं सीओ ऑफिस के सामने से यह घटना होना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है. इस घटना से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से अलवर जिले में क्राइम की वारदातें बढ़ रही है.