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अलवर: रत्तीराम जाटव खुदकुशी मामले में दूसरे दिन भी स्थानिए लोगों का धरना जारी

42 घण्टे बीत जाने के बाद भी इस मामले में प्रशासन के साथ वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची. उधर मांगे नहीं माने जाने तक ग्रामीण शव का पोस्टमार्टम नहीं करने देने पर अड़े हुए है और घरने पर बैठे हैं.

अलवर: रत्तीराम जाटव खुदकुशी मामले में दूसरे दिन भी स्थानिए लोगों का धरना जारी
42 घण्टे बीत जाने के बाद भी परिजनों से कोई सहमति नहीं बन पायी है.

जुगल गांधी/अलवर: तीन दिन से चल रहा रत्तीराम की मौत पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा. दूसरे दिन भी रत्तीराम के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया. 42 घण्टे बीत जाने के बाद भी प्रशासन के साथ वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची. उधर मांगे नहीं माने जाने तक ग्रामीण शव का पोस्टमार्टम नहीं करने देने पर अड़े हुए है और घरने पर बैठे हैं.

गौरतलब है कि है झिवणा निवासी हरीश जाटव की मौत के बाद पिता बेटे की मौत के जिम्मेदारों को सजा दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन के पास दर दर की ठोकरे खाता रहा लेकिन उसे न्याय नहीं मिला. उधर आरोपी पीड़ित पिता रत्तीराम को धमकाते रहे कि केस वापिस लो. आखिर रत्तीराम को पुलिस से भी कोई सहायता नहीं मिली और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई. 

इससे खफा रत्तीराम ने गुरुवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली, इससे ग्रामीणों औऱ परिजनों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश सामने आया, तीन दिन से रत्तीराम का शव टपूकड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा है, लेकिन परिजन औऱ ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े है. ग्रामीणों की मांग है आरोपियो की अविलम्ब गिरफ्तारी हो, दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए. मृतक हरीश की पत्नी को सरकारी नॉकरी और 5 बीगा जमीन दी जाये. लेकिन 42 घण्टे बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई सहमति नहीं पायी है.

उधर, भाजपा के अलवर सांसद बाबा बालकनाथ, पूर्व विधायक जसवंत यादव, अलवर शहर विधायक संजय शर्मा, रामकिशन मेघवाल सहित परिजनों और ग्रामीणों द्वारा लगातार धरना दिया जा रहा है. जिला प्रशासन से लेकर आईजी और सम्भागीय आयुक्त भी पूरी निगाह रखे हुए है. हालांकि जिला कलेक्टर ने शव के पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाईश का प्रयास किया लेकिन कोई बात नहीं बनी.

आपको बता दें, 16 जुलाई हरीश बाइक से अपने गांव झिवाणा जा रहा था. जहां रास्ते में फसला गांव में हरीश की बाइक से एक महिला की टक्कर हो गई. जिसके बाद महिला और उसके परिजनों तथा गांव के कुछ लोगों द्वारा हरीश को पीट पीट कर अधमरा कर दिया गया. जिसके बाद हरीश की इलाज के दौरान 18 जुलाई को मौत हो गई. हरीश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का सिर पर और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगी चोट को बताया गया है.