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Alwar News: अलवर के राजकीय महिला अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही ने एक बच्चे की जान ले ली. सिस्टम इतना खराब की यहां बुखार नापने के लिए थर्मामीटर तक नहीं है. कोई डॉक्टर जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं है. स्टाफ नर्स प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की देखरेख में भी लापरवाही बरत रही है .नतीजा यह हुआ की जिस डिलीवरी को नॉर्मल बताया जा रहा था. उस महिला का ऑपरेशन कर कर डिलीवरी की गई.
अलवर शहर के राजकीय महिला अस्पताल में बुधवार रात डिलेवरी के दौरान के बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश का प्रयास किया. परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया.
जानकारी के अनुसार भारती पत्नी संजय निवासी रौणपुर, शीतल के पास को प्रसव के लिए 11 अगस्त को शाम 5 बजे राजकीय महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति सामान्य बताते हुए नॉर्मल डिलीवरी की बात कही थी. इसके बाद 13 अगस्त बुधवार को भारती को बुखार हुआ. जिसकी जानकारी परिजनों ने डॉक्टरों को दी.लेकिन अस्पताल स्टाफ द्वारा उसकी कोई देखरेख नहीं की गई. भारती की मां राजवती ने बताया कि भारती बिल्कुल ठीक थी. बुखार की बात कही तो उन्होंने कहा कि इस वक्त डॉक्टर नहीं है. एक नर्स ने टैबलेट दे दी.
टेबलेट लेने के बाद शाम को खाना खाया तो खाने के बाद उसको उल्टी हो गई. इसकी सूचना भी डॉक्टर को दी गई. लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आया. रात 10:00 बजे ऑपरेशन थिएटर में लेकर गए. नॉर्मल डिलीवरी की बात कहते हुए महिला को दर्द का इंजेक्शन लगाया. फिर अचानक रात 10 बजे ऑपरेशन कर दिया. करीब डेढ़ घंटे के ऑपरेशन के बाद बच्चे के मृत होने की जानकारी दी. परिजनों का आरोप है कि उनके बार-बार कहने के बाद भी स्टाफ ने उनकी बात नहीं मानी. चिकित्सकों की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की मौत हो गई. परिजनों ने सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा. कि कोई भी महिला यहां पर प्रसव कराने नहीं आए. क्योंकि यहां पर कोई देखरेख करने वाला नहीं है. महिला के लड़का हुआ था. सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से अस्पताल के गेट और आईसीयू के बाहर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया.
उधर महिला अस्पताल के पीएमओ डॉक्टर टेकचंद ने बताया कि भारती नाम की महिला यहां पर भर्ती हुई थी. उसकी तबियत पूरी तरह ठीक थी .पानी लीकेज की समस्या थी .तीन बार डॉक्टर राउंड पर आते हैं. और नॉर्मल डिलीवरी होने के आसार थे. शाम को भी डॉक्टर राउंड पर आए तो उसकी हालत को देखकर ऑपरेशन करने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा की डिलीवरी के बाद बच्चा जीवित था. लेकिन नर्सरी में जाते-जाते उसकी मौत हो गई.परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है. इस मामले की जांच की जाएगी. परिजनों को कहना है कि इसकी पोस्टमार्टम कराया जाए.उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही पता चलेगा की लापरवाही किस की किस स्तर पर रही है.
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