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Alwar News: राजस्थान में अलवर पुलिस के बढ़ते अत्याचार को लेकर आज राजपूत समाज के प्रतिनिधि अलवर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मिलने मिनी सचिवालय पहुंचे. वहां उन्होंने अरावली विहार पुलिस थाना के जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
रक्षाबंधन के दिन किसी पुराने मामले में एक आरोपी को पकड़ने के लिए अरावली विहार थाना पुलिस नया बास स्थित तिवारी क्लीनिक के पीछे एक घर में गई थी. जहां काफी विवाद हुआ था. अलवर की स्थानीय संस्था श्री क्षत्रिय जन संसद ने अरावली विहार थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है.
संगठन के अध्यक्ष सूरजभान सिंह गौड़ ने कहा कि सब इंस्पेक्टर हरिमन मीणा द्वारा अपने पुलिस कर्मियों को साथ ले जाकर वहां की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है. उन्होंने कहा कि राजपूत समाज में भी एक परंपरा है कि महिलाओं का सम्मान करते हैं और 85 साल की महिला के साथ इन्होंने अभद्र व्यवहार किया.
अगर किसी के खिलाफ वारंट था, तो वारंट को दिखाते हैं. फिर कार्रवाई करते हैं. कोई अगर अपराधी है, तो उसको नियमानुसार पकड़ना चाहिए. उन्होंने अफसर की कार्य शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इनका यही रवैया रहा, तो आमजन में इनका प्रभाव क्या रहेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास भी शामिल है.
उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि पुलिस कार्रवाई को अत्याचार करार देते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल पद से हटाने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है. राष्ट्रीय जन संसद के अध्यक्ष भंवर उदय सिंह भाटी ने कहा कि घर में घुसकर इस तरह धक्का-मुक्की की गई है, जो महिलाएं नहा रही थी. उनके बारे में भी गलत शब्द बोले गए. विरोध किया तो मारपीट की गई.
गैरकानूनी तरीके से थाने में ले जाकर मारपीट की गई. उन्होंने यहां तक कहा कि जब हम लव कुश से मिले, तो उसने कहा कि अगर मुझे न्याय नहीं मिला, तो आत्महत्या करूंगा. उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी बदलना ही नहीं बर्खास्त होना चाहिए. ताकि भविष्य में कोई ऐसी घटना को अंजाम न दे.
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उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मिलेंगे और उन्हें बताएंगे इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि हमने भारतीय जनता पार्टी के संजय शर्मा को इसलिए वोट नहीं दिए थे कि हमें कोई मारे, राजपूत समाज भारतीय जनता पार्टी के साथ रहा.
संगठन के ही डॉ महावीर सिंह चौहान ने बताया कि उन्हें गलत तरीके से अरेस्ट किया गया है. उनके बाकी भाइयों को भी झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया है. उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी को बदला जाए और नए जांच अधिकारी लगाया जाए. अगर पुलिस का व्यवहार यही रहा, तो राजपूत समाज आंदोलन करेगा.
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो शहरवासी अहिंसात्मक आंदोलन शुरू करेंगे. श्री क्षत्रिय जन संसद ने इसे समाज की एकजुटता और न्याय के लिए जरूरी कदम बताया है. यहां उल्लेखनीय है कि मई माह में अलवर निवासी सुनील गुप्ता द्वारा एक मुकदमा दर्ज कराया गया था. जिसमें युवकों पर मारपीट का मुकदमा था.
इसमें तीन आरोपी पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिए गए थे. मुखबिर की सूचना पर रक्षाबंधन के दिन पुलिस एक आरोपी को पकड़ने गई थी, जहां पर विवाद हो गया. परिवार की महिलाओं ने आरोपी को छुड़ाकर भगा दिया. पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की गई.
इसके बाद राज कार्य में बाधा का मामला बनाते हुए पुलिस ने वहां से चार जनों को हिरासत में लेकर आई. परिवार जनों का यहां आरोप है कि इन्होंने हमारे लोगों के साथ मारपीट की और परिवार की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया. बिना वारंट के घर में घुसे महिला पुलिस को साथ लेकर नहीं गए.
वहीं अरावली विहार थाने के सब इंस्पेक्टर हरिमन मीना ने इन लोगों पर राज कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया. हालांकि बताया यह जा रहा है कि इस परिवार के लोगों ने पुलिस कर्मियों को कमरे में बंद कर दिया था. आरोपी युवक का यह परिवार भी पुलिस विभाग से जुड़ा है.
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