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Alwar News: राजस्थान के अलवर जिले में मालाखेड़ा क्षेत्र के महुआ खुर्द के कानूनगो पवन शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया. घटना के बाद तहसील स्तर पर हड़कंप मच गया है. तहसीलदार मेघा मीणा को लेकर आज मालाखेड़ा कस्बा बंद रहेगा.
इधर परिजनों और सहकर्मियों ने मालाखेड़ा तहसीलदार मेघा मीणा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि तहसीलदार मेघा मीणा द्वारा कानूनगो पवन शर्मा को लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी. इस तहसीलदार और एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ पिछले 5 दिन से मालाखेड़ा में धरना प्रदर्शन दिया जा रहा है.
मालाखेड़ा तहसील में कार्यरत कानून को पवन शर्मा की रविवार रात 7:30 बजे घर में हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई.उनकी पत्नी जीएसटी विभाग में एसीटीओ है. उनका भी सीधा आरोप है कि तहसीलदार मेघा मीणा उनके पति को बेवजह परेशान करती थी.
गत 20 जून को उनके पति कानूनगो और पटवारी नारायण चौधरी को नोटिस जारी किया. जिसमें खसरा नंबर 1372 पर स्टे होने के बावजूद अवगत नहीं करने का आरोप लगाया था. जबकि इस संबंध में उनके पति पहले ही सारी स्थिति स्पष्ट कर चुके थे.
उनकी पत्नी का आरोप है कि नोटिस सीधा कलेक्ट्रेट भिजवाया गया और 2 जुलाई को दुबारा एक नोटिस जारी किया. जिसमें ये नोटिस इस बात का दिया गया. कि गत नोटिस का जवाब नहीं दिया. उनकी पत्नी ने बताया कि रविवार की शाम को उनके पति के अचानक तबीयत खराब हुई.
निजी अस्पताल लेकर गए ,जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मालाखेड़ा तहसीलदार मेघा मीना पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आरोपों को लेकर कई दिनों से आंदोलन चल रहा है. जिसमें डीडराइटर, स्टांप वेंडर, वकील, पटवार संघ कानूनगो संघ शामिल है. अलवर के जिला कलेक्टर डॉक्टर आर्तिका शुक्ला ने भी तहसीलदार के खिलाफ 16 सीसीए की चार्जसीट के लिए रिवेन्यू बोर्ड में सिफारिश की है.
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हालांकि तहसीलदार मेघा मीना पर चल रहे आरोपों के चलते अलवर जिला कलेक्टर ने गत 1 अगस्त को अतिरिक्त प्रोग्रामर सतीश मीणा को हटाकर अलवर जिले के गोविंदगढ़ लगा दिया था. क्योंकि सतीश मीणा तहसीलदार के नजदीक होने के कारण उनसे रजिस्ट्री बाबू का काम लिया जा रहा था.
2 अगस्त को डीएलएम की बैठक में दोषी पाई माधोगढ़ पटवारी सुमन मीणा को निलंबित कर मुख्यालय टहला करने के आदेश हुए थे. सभी यूनियन तहसीलदार के निलंबन पर अड़े हुए हैं. कलसाडा हल्का के पटवारी नारायण चौधरी ने बताया कि तहसीलदार काफी लंबे समय से हरेशसमेंट कर रही थी.
कलेक्टर को शिकायत की गई कोई कार्रवाई नहीं की गई. कलसाड़ा के खसरा नंबर 1372 को लेकर 25 अप्रैल 2025 को स्थगन की रिपोर्ट दी गई थी. जिसमें बताया गया था कि सक्षम न्यायालय में इसके स्थगन का मामला नहीं है. क्योंकि उस खसरा नंबर पर अतिक्रमण था. 16 जून 2025 को एक टीम गठित की गई. जिसमें कानूनगो पवन शर्मा को निर्देशित था कि पुलिस लेकर अतिक्रमण हटाए.
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इस दौरान संबंधित व्यक्ति ने तहसीलदार को बताया कि इस पर स्थगन है. अतिक्रमण नहीं हटाया जाए. इस बात को लेकर इनमें विवाद बढ़ा. लगातार नोटिस जारी किए गए. उन्होंने बताया कि इस जमीन पर किसी भी तरह का स्थगन नहीं था, लेकिन दूसरी पार्टी के प्रेशर में तहसीलदार ने प्रताड़ित किया.
इधर मालाखेड़ा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष तेज सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि यह हार्ट अटैक नहीं था. प्रताड़ना के बाद एक तरीके से आत्महत्या जैसा मामला है. तहसीलदार मेघा मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं. ग्रामीणों की शिकायतें हैं. जिसको लेकर गत दिनों से आंदोलन चल रहा है.
आज मालाखेड़ा बंद किया गया है. वह हर काम को पैसे लेकर ही करती थी. कर्मचारियों पर दबाव बनाती थी. इसकी शिकायत केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, मुख्य सचिव सबसे की गई. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. दोनों की कार्यशैली को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन भी दिया गया.
उन्होंने बताया कि कानूनगो साहब का फोन शाम को आया था और उसे प्रकरण में भी चर्चा की थी, लेकिन इस बात का पता नहीं था कि रात को उनके मौत की सूचना मिलेगी. पटवार सिंह के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विशंभर दयाल शर्मा ने बताया कि तहसीलदार को लेकर हुए काफी तनाव में थे. कलेक्ट्रेट में भी मिले तभी तनाव ग्रस्त लगे थे.
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क्योंकि उन्हें लगातार धमकी मिल रही थी कि कहीं उन्हें एससी एसटी का केस लगाकर फंसा ना दिया जाए और वह पूरी तरह तहसीलदार की प्रताड़ना का शिकार हुए हैं. पत्नी भी काफी दिन से पति को लेकर परेशान थी और तहसीलदार के कारण वह डिप्रेशन में चले गए. उन्होंने कहा कि मृत्यु के लिए जिम्मेदार तथ्यों को सामने लाया जाएगा. इस संबंध में सभी अधिकारियों से बात की जाएगी.
शिवाजी पार्क थाना प्रभारी विनोद सांमरिया ने कहा कि परिजनों से शिकायत प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी और फिर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इधर राजस्थान कानूनगो संघ और पटवार संघ की उप शाखा मालाखेड़ा के द्वारा 31 जुलाई 2025 को मालाखेड़ा थाना प्रभारी को पत्र लिखकर शिकायत की गई.
तहसीलदार मेघा मीणा के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे व धरना स्थल पर आई और हमें धमकी दी कि मैं नौकरी करना सिखा दूंगी. मेरे खिलाफ अगर धरना प्रदर्शन किया, तो तुम्हारी नौकरी खराब कर दूंगी. एक महिला को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हैं. एससी एसटी का मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी गई. उन्होंने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की मांग की.
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