Alwar News: राजस्थान में अलवर शहर में अरावली विहार थाना पुलिस द्वारा थाने में मारपीट का एक ओर मामला सामने आया है. रक्षाबंधन के मौके पर शहर के नयाबास क्षेत्र में एक वारंटी को पकड़ने के लिए पहुंची पुलिस टीम के साथ वहां मौजूद लोगों ने धक्का-मुक्की की. राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने पर पुलिस ने वहां मौजूद चार लोगों को हिरासत में लिया और थाने ले आए.
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Alwar News: शहर में अरावली विहार थाना पुलिस द्वारा थाने में मारपीट का एक ओर मामला सामने आया है. रक्षाबंधन के मौके पर शहर के नयाबास क्षेत्र में एक वारंटी को पकड़ने के लिए पहुंची पुलिस टीम के साथ वहां मौजूद लोगों ने धक्का-मुक्की की. राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने पर पुलिस ने वहां मौजूद चार लोगों को हिरासत में लिया और थाने ले आए.
परिजनों का आरोप है कि थाने में उनके साथ मारपीट की. पुलिस मारपीट के बाद एक व्यक्ति की हालत गंभीर हो गई. उसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया. इस संबंध में पीड़ित परिवार के लोगों ने कहा कि थाने में पुलिसकर्मियों ने जबरन मारपीट की, जिसके कारण तबीयत खराब हुई.
अरावली विहार थाना पुलिस प्रभारी ने बताया कि 16 मई 2025 को सुनील गुप्ता ने कुछ लोगों पर मारपीट और जानलेवा हमले की एफआईआर दर्ज करवाई. इस मामले में पुलिस पहले तीन जनों को गिरफ्तार कर चुकी है. इसमें शेष पांच और आरोपी थे, जिनके पुलिस को तलाश था. जरिए मुखबिर पुलिस को सूचना मिली कि इस मामले में एक अन्य आरोपी रक्षाबंधन के मौके पर घर पर है और परिवार के लोगों के साथ छत पर पतंग उड़ा रहा है. मामले की जानकारी मिलने के बाद अरावली विहार थाना पुलिस नया बास चौराया के पास तिवाड़ी क्लिनिक के पीछे मौके पर पहुंची. पुलिस उसे आरोपी को अपने साथ गिरफ्तार कर कर ला रही थी. तभी परिजनों ने राज कार्य में बाधा डालते हुए उसे छुड़ाने का प्रयास किया और पुलिस पर हमला कर आखिर में उसको छुड़ा लिया गया. थाना प्रभारी का कहना है कि इस संबंध में उसके पिता को भी कई बार कहा कि आरोपी को पेश करो. लेकिन आरोपी को पेश नहीं किया और ना ही अनुसंधान में कोई सहयोग किया.
राज कार्य में बाधा डालने पर पुलिस 4 जनों को लेकर आई, उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया. इनमें एक आरोपी की तबीयत खराब थी. उसने बताया कि वह कई बार निजी हॉस्पिटल में भर्ती रहा है. पुलिस का कहना है कि थाने में हमने किसी के साथ भी मारपीट नहीं की. हम तो एक धारा 307 के मुलजिम को पकड़ने के लिए गए थे. उसके खिलाफ वारंट थे. पुलिस ने वहां मौजूद चार जनों भूपेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, राजू, लोकेश उर्फ लवकुश को लाई थी.
लवकुश नाम के व्यक्ति की हालत गंभीर हो गई
इधर, परिजनों का आरोप है कि घर की बुजुर्ग महिलाएं घर के अंदर खुले आंगन में नहा रही थी. पुलिसकर्मी घर के अंदर घुस रहे थे. इस पर वहां मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मियों को घर के अंदर जाने से रोका. इस बात को लेकर पुलिसकर्मी व वहां मौजूद लोगों के बीच धक्का मुक्की हो गई. हिरासत में लिए गए लोगों के परिजनों का आरोप है. कि थाने में सभी लोगों के साथ जबरन मारपीट की गई. इस पर लवकुश नाम के व्यक्ति की हालत गंभीर हो गई. वो अचेत होकर जमीन पर गिर गया. यह देखकर पुलिस के हाथ पैर फूल गए.
पुलिसकर्मी ने तुरंत उसे इलाज के लिए अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया. जहां उसका इलाज जारी है. और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. परिजनों ने कहा कि लवकुश कई बीमारियों से पीड़ित है और पुलिस ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की. परिजनों ने यह भी बताया कि जिस आरोपी को पकड़ने की बात पुलिस का रही है. हमने उसके खिलाफ वारंट मांगा. लेकिन पुलिस ने वारंट नहीं दिखाया लेकिन वह उस वक्त घर पर नहीं था और वह नाबालिग भी है. पुलिस ने अब सभी लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है.
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