भरतपुर को मिला चंबल का पानी, अलवर को मिलेगा उसका हक- संजय शर्मा

Alwar News : वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा का एक बयान सरकार को दुविधा पैदा कर सकता है. राजस्थान सरकार की ईआरसीपी योजना 2039 तक अमली जमा पहनेगी. अलवर में ईआरसीपी की योजना में फॉरेस्ट एरिया की काफी एनओसी लेनी बाकी है. वही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने  योजना को लेकर रामगढ़ में आभार यात्रा की और उन्हें भागीरथ की संज्ञा दी गई थी.

भरतपुर को मिला चंबल का पानी, अलवर को मिलेगा उसका हक- संजय शर्मा
Image Credit: Alwar News

Alwar News : राजस्थान सरकार की वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा का एक बयान सरकार को दुविधा पैदा कर सकता है. उन्होंने कहा है कि राजस्थान सरकार की ईआरसीपी योजना 2039 तक अमली जमा पहनेगी .एक तरफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इआरसीपी योजना को लेकर रामगढ़ में आभार यात्रा की थी. और उन्हें भागीरथ की संज्ञा दी गई थी.

अब हालात विपरीत होते जा रहे हैं. कांग्रेस एक तरफ ये आरोप लगाती आ रही है कि ईआरसीपी के नाम पर मुख्यमंत्री राजस्थान की जनता को गुमराह कर रहे हैं. वहीं अब एक बयान देकर वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने कहकर आरोपों की पुष्टि कर दी है. उन्होंने कहा है कि ईआरसीपी की योजना 2039 तक अमली जामा पहनेगी.

Add Zee News as a Preferred Source

उन्होंने बताया कि अलवर में ईआरसीपी की योजना में फॉरेस्ट एरिया की काफी एनओसी लेनी बाकी है. लेकिन मुख्यमंत्री ने स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड की बैठक लेकर एनओसी जारी कर रहे हैं. सवाई माधोपुर में रणथंबोर एरिया भी है. जहां रणथंभोर के डूंगरी में बांध बनाना है.उसके लिए भी एनओसी जारी की गई है .वहां विस्थापन का विरोध स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं. उसके लिए कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा समझाइस का प्रयास कर रहे हैं.

अलवर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि इस वर्ष भी इंद्रदेव प्रदेश पर मेहरबान हैं. और अच्छी बारिश का दौर जारी है. जिससे कई क्षेत्रों में बांध लबालब हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि जयसमंद बांध में लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या रही है.

बीते वर्ष तत्कालीन जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी के कार्यकाल में बड़ी संख्या में अतिक्रमण हटाए गए थे. वन मंत्री ने कहा कि नटनी का बारा से लेकर जयसमंद तक की नहर का नवीनीकरण और जीर्णोद्वार जरूरी है. इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट में 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.

हाल ही में कैबिनेट बैठक से पूर्व सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में बताया गया. कि नहर सुधार कार्य के टेंडर जारी हो चुके हैं .और जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी कर कार्य शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बारा बियर में जो भरतपुर और अलवर के राज परिवार के बीच समझौता हुआ था. वह राजतंत्र के दौरान था. अब उसे त्रुटि को ठीक करने का समय है .अब जनतंत्र है और जनतंत्र की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राजस्थान अलवर के हिस्से का पानी अलवर आना चाहिए.

उन्होंने कहा कि भरतपुर में पानी की समस्या नहीं है. क्योंकि भरतपुर में चंबल का पानी आ चुका है. इसलिए बारा बियर नदी का पानी भरतपुर नहीं जाना चाहिए और उसे त्रुटि को ठीक करना चाहिए. उन्होंने कहा कि नटनी के बारा से जयसमंद अलवर को पानी की आपूर्ति होती है. हालांकि भरतपुर को चंबल का पानी मिलना शुरू हो गया है. लेकिन अलवर में अब भी जल संकट बरकरार है. उन्होंने आश्वस्त किया कि दोनों जिलों की पुरानी संधि को प्रभावित किए बिना अलवर को उसके हक का पानी दिलाया जाएगा.

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author

Zee Rajasthan Web Team

Zee Rajasthan Web Team

जी राजस्थान डिजिटल राजस्थान की हर हलचल पर पैनी नज़र, सबसे सटीक, विश्वसनीय और तेज़ खबरों के लिए बने रहें. राजस्थान के आपके अपने डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ यहां पढ़ें अपने जिले की खबरें - https://zeenews.india.com/hindi/india/rajasthan खबरों के साथ जुड़े रहने के लिए हमें फॉलो करें
Read More