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Sariska Tiger Reserve: सरिस्का के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने और प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस पर एक अहम कदम उठाया गया है. सरिस्का टाइगर रिजर्व के सदर गेट और टहला गेट पर विशेष प्रकार की प्लास्टिक बोतल काटने वाली कटर मशीनें लगाई गई हैं. इन मशीनों की मदद से खाली प्लास्टिक बोतलों को चूरा बनाकर रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा. इस पहल की औपचारिक शुरुआत कल विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गई है.
2024 की थीम के अनुसार यह योजना
यह पूरी योजना केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की थीम ''रि-साइकिल, रि-यूज, रि-ड्यूज (आरआरआर)'' के अनुरूप तैयार की गई है. इसका उद्देश्य यह है कि प्लास्टिक को न केवल फिर से उपयोग योग्य बनाया जाए. बल्कि उसका समुचित निस्तारण भी हो. ताकि वन क्षेत्रों, शहरों और जल निकासी प्रणालियों में फैलने वाला प्लास्टिक कचरा रोका जा सके.
प्लास्टिक की बोतलें फैलाती थी प्रदूषण
गौरतलब है कि अभी तक प्लास्टिक की खाली बोतलें पर्यटक या स्थानीय लोग इधर-उधर फेंक देते थे. ये बोतलें नालों, सड़कों, खुले स्थानों और जंगलों में जमा होकर प्रदूषण फैलाती थीं. बरसात के दौरान यही बोतलें नालों में फंसकर जलजमाव का कारण बनती थीं. खुले में पड़ी बोतलें वन्यजीवों के लिए हानिकारक साबित होती थीं. वन्य क्षेत्र में फैलने वाला यह कचरा न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाता था. बल्कि वहां रहने वाले वन्य जीवों के लिए भी खतरा बनता था.
सरिस्का में कुल कितने बाघ
आपको बता दें कि राजस्थान के अलवर में स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या अभी 48 तक पहुंच गई है. जानकारी के अनुसार फिलहाल सरिस्का में बाघों की संख्या 11, बाघिन 17 और 20 शावक हैं.
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रिपोर्टर - स्वदेश कपिल