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Alwar News: अलवर में RGHS घोटाला भी अजीब है. जलदाय विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी की शराब का आदी था. इसके साथी कर्मचारी के नाम की फर्जी पर्ची बनवाकर लाखों की दवा उठवा ली. अब उसी फर्जीवाड़े के चलते सरकार ने दो डॉक्टरों को निलंबित कर दिया. हालांकि इस कार्मिक के साथ इसके साथी ने धोखा दे दिया. जबकि एक रिटायर्ड कर्मचारी और मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया.
ये घोटाला 26.70 लाख का हो गया. जलदाय विभाग के उमरैण कार्यालय में कार्यरत हेल्पर किशोरीलाल पुत्र कजोड़ राम को शराब की लत थी. इसी लत का फायदा उठाया इसके सेवानिवृत्त एक साथी रामोतार ने ,अपने परिचितों की दवा के लिए कार्मिक के कार्ड का फायदा उठाया गया. और दो साल में करीब 27 लाख का खेल कर दिया.
आरजीएचएस के घोटाले में अलवर जिले के दो डॉक्टर को निलंबित किया गया है. जबकि जलदाय विभाग का एक रिटायर्ड कर्मचारी और राजस्थान पेंशनर्स मेडिकल स्टोर पर केस दर्ज किया गया है. अलवर में RGHS कार्ड का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ लेने के जलदाय विभाग के एक सरकारी कर्मचारी समेत उसके साथी दवा विक्रेता के खिलाफ अलवर शहर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है.जांच में यह बात सामने आई .कि जलदाय विभाग के सहायक अभियंता के उमरैण कार्यालय में कार्यरत हेल्पर किशोरीलाल पुत्र कजोड़ी राम के कार्ड से 26 लाख 70 हजार 233 रुपए की दवा का लाभ उठाया गया. वित्त विभाग द्वारा बिलों की जांच के लिए गठित क्वालिटी कंट्रोल एंड परफॉर्मेंस ऑडिट टीम की जांच में पाया. कि किशोरी लाल ने योजना के तहत अपने कार्ड का दुरुपयोग किया.उसने सेवानिवृत कर्मचारी रामोतार गुप्ता व जिला अस्पताल परिसर स्थित राजस्थान पेंशनर्स एसोसिएशन मेडिकल स्टोर के संचालक के साथ गड़बड़ी कर कूट रचित दस्तावेज तैयार किया. इन दस्तावेजों से नकद लेनदेन सहित अन्य जरूरत के लिए कार्ड का उपयोग किया. विभाग ने किशोरी लाल को ब्याज सहित 32,95,000 की वसूली का नोटिस दिया है. यह गड़बड़ी वर्ष 2023 से 2025 के बीच की है. कई पर्चियों पर परिवार के चार-चार लोगों के नाम एक जैसी महंगी दवाई लिखकर रकम उठाई गई. निजी अस्पताल से भी कर्मचारी के नाम से पर्ची बनाई गई. इस गड़बड़ी से राजकोष को भारी नुकसान पहुंचा है.
अलवर के खुदनपुरी निवासी किशोरी लाल का कहना है कि वह शराब का आदी है. और रिटायर्ड सहकर्मी रामोतार गुप्ता इसी मजबूरी का फायदा उठाता था. रामोतार उसे अलवर जिला अस्पताल ले जाता और मुझे बाहर बैठाकर आरजीएचएस कार्ड और मोबाइल लेकर अंदर चला जाता और वह बाहर बैठा रहता .लौटते समय नगद रुपए देकर शराब पिला देता . उसने बताया कि मुझे आज तक यह पता नहीं की किस बीमारी की वह दवा लेता था. ना ही मुझे पर्ची देता था.
संबंधित कार्मिक ने इन आदेशों के विपरीत कोर्ट में वाद दायर कर अपना सस्पेंशन रुकवाया और रिकवरी को रुकवाया .जिसमें किशोरी लाल ने शिकायत दी थी की वसूली अकेले मुझसे ना हो. इसमें शामिल राम रामोतार और मेडिकल स्टोर पर्ची लिखने वाले डॉक्टर से भी की जाए. इस मामले में डॉक्टर कपिल भारद्वाज और डॉक्टर नरसी लाल ने पर्ची लिखी. सरकार ने इन दोनों को निलंबित किया है.
यही नहीं किशोरी लाल के कार्ड से अलवर के मित्तल हॉस्पिटल से पांच पर्चियां बनाई गई थी .राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के द्वारा मित्तल हॉस्पिटल भी जांच के दायरे में है .हालांकि अस्पताल संचालक का कहना है कि एक डॉक्टर ने उनके नाम में मोहर का दुरुपयोग किया. डॉक्टर के खिलाफ संचालक ने मामला भी दर्ज कराया. अब इसमें जांच का विषय यह है कि मित्तल हॉस्पिटल में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई है. दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. और यह पांचो पर्चियां भी किशोरीलाल व उसके परिवार से जुड़ी हुई है.
वही RGHS के सुचारू संचालन के लिए चिकित्सा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए विभिन्न गड़बड़ियां करने पर 2 आयुर्वेद एवं 3 एलोपैथी डॉक्टरों एवं 4 कार्मिकों को निलंबित किया है. इनमे अलवर जिला चिकित्सालय अलवर के डॉ. नरसीलाल पचौरी, टीबी सेंटर अलवर के डॉ. कपिल भारद्वाज, सीएचसी बीबीरानी खैरथल-तिजारा की चिकित्सक डॉ. मनीषा.
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रिंसिपल सेकेट्री गायत्री राठौड़ ने बताया कि काफी समय से आरजीएचएस में विभिन्न स्तरों पर गड़बड़ी की शिकायतें आ रही थीं. इन शिकायतों की जांच के बाद राज्य में 9 कार्मिकों को निलंबित किया गया है.
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