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Alwar News : अलवर की सिलीसेढ़ झील में 2 इंच ऊपर चादर 10 दिनों से चल रही है. बारिश ज्यादा होने के चलते झील के मगरमच्छ बाहर आ रहे हैं. 100 से ज्यादा मगरमच्छों का कुनबा सिलीसेढ़ झील में रहता है. बीते सोमवार की रात भी सिलीसेढ़ से गरबा जी जाने वाली रोड पर मगरमच्छ टहलता दिखा था जिसका वीडियो वायरल भी हुआ था.
झील की भराव क्षमता 29 फीट की है, जो अब फुल हो चुकी है. लगातार बारिश से झील से निकलकर मगरमच्छ सड़क पर आ रहे हैं, खासतौर पर रात को दो पहिया वाहन चालक या राहगीरों के लिए अधेरे में चलना जानलेवा साबित हो सकता है.
आपको बता दें कि अलवर की सिलीसेढ़ झील को देखने हजारों की तादात में सैलानी आते है. ऐसे में ज्यादा एहतीयात बरतने की जरूरत है. क्योंकि ना जाने कब झाड़ियों के बीच बैठे मगरमच्छ हमला कर दें. प्रशासन को चाहिए की रात्रि गश्त की जाए और वन विभाग को भी चौकस रहने की जरूरत है. ताकि मगरमच्छ किसी को नुकसान ना पहुंचा पाएं.
मगरमच्छों की समस्या के इतर देखे तो सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता संजय खत्री ने बताया कि सरिस्का के जंगलों में लगातार हो रही बरसात से रूपारेल, सिलीबेरी और वनखंडी नदी में पानी चल रहा है. जय समंद बांध में दस फुट तक पानी आ गया है. आने वाले दिनों में और भी पानी की आवक हो सकती है. जिले में अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए है.
आपको बता दें कि सिलीसेढ़ झील लगभग 7 वर्ग किलोमीटर तक फैली है, जो एक मानव निर्मित झील है, इसका निर्माण महाराजा विनय सिंह ने 1845 ने कराया था.
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