
Rajasthan News: अलवर जिले के सदर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया. जहां 18 महीने की मासूम को 20,000 रुपये में बेच दिया गया. हालांकि, पुलिस की तत्परता और तेज कार्रवाई से बच्ची को महज 4 घंटे में ढूंढ निकाला गया और 8 घंटे के भीतर इस घिनौनी वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
सदर थाना क्षेत्र के सोतका गांव निवासी आशा देवी ने बताया कि उनकी बच्ची प्रियांशी जाटव सोमवार शाम को अपनी पड़ोसी दादी सावित्री के पास खेल रही थी. इसी दौरान गांव का हेमंत उर्फ भोली वहां पहुंचा और बच्ची को मिठाई दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया. लेकिन मिठाई दिलाने के बाद उसने अपने साथी के साथ मिलकर बच्ची का अपहरण कर लिया और रामगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में 20,000 रुपये में बेच दिया.
घटना की सूचना मिलते ही अलवर ग्रामीण पुलिस उप अधीक्षक शिवानी शर्मा के निर्देशन में सदर थाना और रामगढ़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई. पुलिस ने तुरंत हरसंभव सुराग जुटाए और तेजी से कार्रवाई करते हुए 4 घंटे के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया. इसके साथ ही, 8 घंटे के अंदर बच्ची को खरीदने वाले दो लोगों और एक दलाल को गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, मुख्य आरोपी हेमंत उर्फ भोली फरार हो गया. जिसकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं.
अलवर ग्रामीण पुलिस उप अधीक्षक शिवानी शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और बच्ची को सुरक्षित बचा लिया. इस घिनौनी हरकत में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है. पुलिस गहन पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस मामले से कोई बड़ा गैंग तो नहीं जुड़ा है.
इस घटना के बाद से इलाके में आक्रोश है और लोग दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं. पुलिस इस मामले की पूरी गहराई से जांच कर रही है. ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके और सलाखों के पीछे भेज सके.