पाली: एंबुलेंस ड्राइवर कर रहा था सर्जन की ड्यूटी, डॉक्टर बोले- कर रहा मानवता का काम

पाली के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल के ट्रोमा वार्ड सेंटर में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसे देखकर हर कोई सहम गया. 

पाली: एंबुलेंस ड्राइवर कर रहा था सर्जन की ड्यूटी, डॉक्टर बोले- कर रहा मानवता का काम
संविदा पर लगा एम्बुलेंस चालक मरीज का इलाज कर रहा

सुभाष रोहिसवाल, पाली: जिले के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल के ट्रोमा वार्ड सेंटर में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसे देखकर हर कोई सहम गया. वार्ड में मरीज का इलाज संविदा पर लगा एम्बुलेंस चालक कर रहा था. एंबुलेंस चालक ने घायल मरीज के फटे सिर में टांके लगाए और किसी भी स्टाफ या डॉक्टर ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की. 

आलाधिकारियों से जब इस बारे में बात की तो वो इस चालक के बचाव में ही लगे रहे. अस्पताल प्रशासन की मिलिभगत से मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ होना सरकार और चिकित्सा विभाग पर बड़े सवाल खड़े करता है. 

दरअसल चेलावास के पास शनिवार को एक हादसे में 14 लोग घायल हुए, जिन्हें पाली रेफर किया गया था. ट्रोमा में सभी घायलों का इलाज चल रहा था. ड्यूटी रोस्टर के अलावा इमरजेंसी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ सभी घायलों के इलाज में लगे हुए थे. उनमें एक ऐसा भी सर्जन था जो मात्र दसवीं पास है. एम्बुलेंस चालक मुकेश घायल महिका के सिर में आराम से टांके लगाता रहा, लेकिन किसी भी अस्पताल के कर्मचारी ने उसे नहीं रोका. 

हाल ही पाली में मेडिकल कॉलेज खुला है. बांगड अस्पताल पाली मेडिकल कॉलेज के सुपर्द है. सभी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, प्रोफेसर यहां बैठते हैं. उसके बाद भी उनकी आंखों में धूल झोंकते हुए एक एम्बुलेंस चालक सर्जन का काम कर रहा है.

इस बात को लेकर जब डॉ. अम्बादान से बात सवाल किया गया तो बड़ा ही अजीब जबाब मिला. डॉ. साहब ने कहा कि वह तो मानवता के नाते सहायता कर रहा था. उसने कोई कोर्स कर रखा है. जांच कर रहे हैं. यह मामला सरकार का प्रत्येक आदमी को इलाज मुहैया कराने की योजना पर यह एक बड़ा सवाल है.