अलवर: लावारिस, अनाथ और असहाय महिलाओं के लिए 'अपनाघर आश्रम' की शुरुआत

अभी इसमें 50 महिलाओ के रुकने की व्यवस्था है. आगे करीब 150 महिलाओं को सहारा देने का लक्ष्य रखा गया है. 

अलवर: लावारिस, अनाथ और असहाय महिलाओं के लिए 'अपनाघर आश्रम' की शुरुआत
अलवर में निराश्रित महिला आश्रम की आवयश्कता थी.

जुगल, अलवर: लावारिस, अनाथ और असहाय महिलाओं के लिए अलवर में अपनाघर आश्रम की शुरुआत हुई है, जहां निराश्रित महिलाओं को खाना, दवा और रहने की सुविधा मिलेगी. अलवर के वैशाली नगर में 50 महिलाओं के लिए बने इस आश्रय गृह का लोकार्पण किया गया.

अभी इसमें 50 महिलाओ के रुकने की व्यवस्था है. आगे करीब 150 महिलाओं को सहारा देने का लक्ष्य रखा गया है. भामाशाहों के सहयोग से बन रहे इस आश्रय गृह में मुख्य सहयोगी विजय डाटा हैं. मां माधुरी ब्रज सेवा संस्थान द्वारा संचालित अपनाघर आश्रम में प्रथमतल निरंजनलाल निर्मला देवी डाटा अपनाघर महिला आश्रम का भूमि पूजन 18 जनवरी 2019 को हुआ था, लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि शहर विधायक संजय शर्मा ने कहा मानव सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं. अलवर में निराश्रित महिला आश्रम की आवयश्कता थी.

इस दौरान मुख्य सहयोगी विजय डाटा ने बताया कि अलवर में अपनाघर पुरुष आश्रम की स्थापना तो सात वर्ष पूर्व हो चुकी है लेकिन महिला आश्रम की कमी थी. अपनाघर का मतलब ही जिसका कोई घर नहीं, यह उनका घर है. यहां निराश्रित महिलाओं ठहरने की सुविधा के साथ ही दवा भी उपलब्ध कराई जाएगी.

इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विजय मुनि महाराज ने की. साथ ही पूर्व निशक्तजन अध्यक्ष खिल्लिमल जैन, पतंजलि योग के प्रवक्ता एसके तिजारावाला, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष पंडित धर्मवीर शर्मा, श्रीकिशन गुप्ता, संतोष अरोड़ा, विजय सोल्वेक्स से एसके पारीक, राम प्रकाश महावर, सहित शहर के गणमान्य लोग ओर संस्था के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे, कार्यक्रम का संचालन सरला जैन ने किया.