राजस्थान: शिक्षण संस्थानों में अशैक्षणिक गतिविधियों की मंजूरी, मॉल में खुलेंगे ऑफिस

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिक्षण संस्थाओं में अशैक्षणिक गतिविधियां हो सकेंगी. इस दौरान विद्यार्थियों के शिक्षण संस्थाओं में आने पर पूर्णतया रोक रहेगी.

राजस्थान: शिक्षण संस्थानों में अशैक्षणिक गतिविधियों की मंजूरी, मॉल में खुलेंगे ऑफिस
मॉल्स में कार्यलय संचालित हो सकेंगे.

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने लॉकडाउन (Lockdown) के चौथे चरण को लेकर समीक्षा की. इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि, अब शिक्षण संस्थाओं में अशैक्षणिक गतिविधियां हो सकेंगी. इस दौरान विद्यार्थियों के शिक्षण संस्थाओं में आने पर पूर्णतया रोक रहेगी. वहीं, मॉल्स में कार्यलय संचालित हो सकेंगे. लेकिन दुकानों के खुलने पर रोक रहेगी.

पैदल चलने वाले श्रमिकों की संख्या कम
वहीं, सीएम गहलोत ने श्रमिकों को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में अधिकारियों से फीडबैक लिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि, प्रदेश में पैदल चलने वाले श्रमिकों की संख्या बहुत कम हो गई है. राज्य सरकार ने उनके लिए कैंप और भोजन के साथ ट्रेन और बसों की व्यवस्था की है.

स्पेशल बस चलाने की बनी सहमति
सीएम गहलोत ने कहा कि, उपखंड अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का निर्वाहन बेहतर ढंग से किया है. वहीं, बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में मुख्य सचिव के स्तर पर सहमति हुई है. श्रमिक स्पेशल बसों को चलाने को लेकर सहमति बनी है.

भामाशाह का लिया जाए सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि, विदेशों से आ रहे जरूरतमंद श्रमिकों के क्वारेंटाइन के लिए भामाशाह का सहयोग लिया जाएगा. वहीं, अधिकारियों ने बताया कि, प्रदेश में नियमों की पालना नहीं करने वाले 12000 लोगों के चालान काटे गए हैं. साथ ही, प्रवासियों के आगमन से गांव में संक्रमण का खतरा बढ़ा है.

11 जिलों में बनाए गए प्रभारी
सीएम अशोक गहलोत ने 11 जिलों के लिए प्रभारी अधिकारी लगाए हैं. पाली और सिरोही के लिए आईएएस अधिकारी भास्कर ए सावंत को जिम्मेदारी दी गई है. जोधपुर के लिए नवीन महाजन, जालौर के लिए मुक्तानंद अग्रवाल, बाड़मेर के लिए ओमप्रकाश, नागौर के लिए नरेश पाल गंगवार, सीकर के लिए समित शर्मा, उदयपुर के लिए आशुतोष एंटी पेंडेकर, भीलवाड़ा के लिए केके पाठक, बीकानेर के लिए प्रवीण गुप्ता और राजसमंद के लिए भवानी सिंह देथा को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है.
 
सुविधाओं की करेंगे अधिकारी समीक्षा
अधिकारी इन जिलों में प्रवासियों के आगमन और संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करेंगे. वहां चिकित्सा सुविधा, क्वारेंटाइन की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्य योजना बनाएंगे.